साइबर क्राइम का सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनेगा पटना में

Updated at : 24 Oct 2019 6:23 AM (IST)
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साइबर क्राइम का सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनेगा पटना में

पटना : बिहार के शराबबंदी अभियान को सफल बनाने में पड़ोसी राज्यों का पूरा सहयोग रहेगा. झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा में बिहार से लगने वाले इलाकों में शराब की दुकानें नहीं खोलने के पहले से तय प्रावधान पर सख्ती से अमल किया जायेगा. बुधवार को पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की विशेष […]

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पटना : बिहार के शराबबंदी अभियान को सफल बनाने में पड़ोसी राज्यों का पूरा सहयोग रहेगा. झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा में बिहार से लगने वाले इलाकों में शराब की दुकानें नहीं खोलने के पहले से तय प्रावधान पर सख्ती से अमल किया जायेगा.
बुधवार को पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की विशेष बैठक मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में संपन्न हुई. इस समिति में शामिल बिहार, झारखंड, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के सभी अधिकारियों ने 43 एजेंडों पर विमर्श किया और इन मसलों को सुलझाने पर आपसी सहमति बनी. नयी दिल्ली स्थिति अंतर राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव संजीव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई यह बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर ढाई बजे तक चली.
बैठक में बिहार ने पड़ोसी राज्यों से कहा कि यह कोशिश हो कि दुकानें सीमा से कम- से- कम एक से तीन किमी की दूर पर खुलें. गांव-कस्बों में शराब की दुकानें नहीं हों. इसके अलावा बिहार में साइबर क्राइम के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने पर बात की गयी और केंद्र से इसके लिए विशेष मदद देने की मांग की गयी. बिहार में शराबबंदी के बाद मादक पदार्थों की तस्करी बढ़ गयी है, इस पर नकेल कसने के लिए भी संयुक्त कार्रवाई की बात कही गयी.
पूर्वी क्षेत्रीय स्थायी समिति की बैठक संपन्न
इस दौरान बिहार की तरफ से मुख्य सचिव दीपक कुमार के अलावा सभी विभागों के प्रधान सचिव या सचिव मौजूद थे. दूसरे राज्यों के अपर मुख्य सचिव व विकास आयुक्त के अलावा अन्य अधिकारियों के साथ सभी 43 एजेंडों पर बारी-बारी से चर्चा कर इन पर निष्कर्ष निकाला गया. जिन राज्यों के मुख्य सचिव इस बैठक में शामिल नहीं हो पाये थे, उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात की गयी. बिहार ने झारखंड से पेंशन और वेतन के बकाया चले आ रहे 320 करोड़ रुपये जल्द देने की मांग को फिर से दोहराया.
तीसता जल विवाद सुलझे, तो बिहार को भी फायदा
तीसता नदी जल विवाद को सुलझाने को लेकर ओड़िशा और झारखंड के बीच विशेष विमर्श हुआ. इस विवाद के सुलझने से बिहार को भी पानी मिलेगा. रबी और खरीफ फसलों के लिए पानी की समस्या नहीं होती है, लेकिन गर्मी के दिनों में बिहार और झारखंड दोनों इलाकों में होने वाले पानी की किल्लत का बड़ा समाधान इस विवाद के सुलझने से निकल जायेगा.बिहार ने भी इस जल विवाद को सुलझाने की सकारात्मक पहल की.
43 एजेंडों पर हुआ विचार- विमर्श
बिहार के शराबबंदी कानून को
प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ अधिकारी के अलावा सीमावर्ती इलाकों में थाना स्तर पर समुचित समन्वय स्थापित करने का निर्णय लिया गया. इसके लिए सभी स्तर पर निरंतर बैठक होने की सहमति बनी है.
शराबबंदी में झारखंड की तरफ से मिल रहे सहयोग की बिहार ने सराहना की. झारखंड के डीजीपी कमल नयन चौबे ने कहा कि हरियाणा की शराब झारखंड में भी बड़ी मात्रा में तस्करी के जरिये पहुंच रही है. बिहार के साथ मिलकर इस तस्करी के पूरे रैकेट पर नकेल कसने की रणनीति बनेगी. इसके अलावा बिहार में तेजी से बढ़ते साइबर क्राइम के मामलों को सुलझाने के लिए पटना में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने में केंद्र से अतिरिक्त सहायता की मांग का अन्य राज्यों ने समर्थन किया. यहां डीएनए लैब की स्थापना करने को लेकर भी चर्चा की गयी.
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई बात
ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड के कुछ इलाकों में होने वाली अफीम एवं गांजे की अवैध खेती को समूल नष्ट करने के लिए सभी राज्यों को मिलकर अभियान चलाने पर सहमति बनी.
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