ePaper

टला सूखे का खतरा, पर्याप्त बारिश से फसल हुई अच्छी

Updated at : 05 Oct 2019 9:38 AM (IST)
विज्ञापन
टला सूखे का खतरा, पर्याप्त बारिश से फसल हुई अच्छी

पटना, मुंगेर व मगध प्रमंडलों में पर्याप्त बारिश, फसल अच्छी पटना : सितंबर के अंत में पूरे राज्य में हुई बारिश का असर राज्य के खरीफ फसलों पर पड़ा है. भले ही कई जिलों में बारिश ने जल जमाव की समस्या हो गयी हो, लेकिन बारिश ने फसलों विशेष कर धान को राहत दी है. […]

विज्ञापन
पटना, मुंगेर व मगध प्रमंडलों में पर्याप्त बारिश, फसल अच्छी
पटना : सितंबर के अंत में पूरे राज्य में हुई बारिश का असर राज्य के खरीफ फसलों पर पड़ा है. भले ही कई जिलों में बारिश ने जल जमाव की समस्या हो गयी हो, लेकिन बारिश ने फसलों विशेष कर धान को राहत दी है.
कृषि विभाग की ओर से व्हाट्सएप के माध्यम सभी जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों से रिपोर्ट ली जा रही है. इसमें अब तक मिली रिपोर्ट के अनुसार कुछ जिलों में बारिश ने आलू की सफल को नुकसान किया है. लेकिन, जो सितंबर मध्य तक धान के खेतों में पानी के कारण फसल सूखने की तरफ जा ही थी, उन खेतों में अब पानी से भर चुके हैं.
जहां फसल खराब हो रही थी, वहां अब पर्याप्त पानी : राज्य में धान की फसल को लेकर सबसे अधिक खराब पटना, मगध व मुंगेर प्रमंडल के जिलों में थी. लेकिन, अब पटना में मात्र सात फीसदी, नालंदा में मात्र 11 फीसदी , भोजपुर में मात्र सात, रोहतास में मात्र नौ फीसदी बारिश की कमी रह गयी है.
इसके अलावा मगध प्रमंडल के गया में मात्र एक फीसदी, औरंगाबाद में मात्र शून्य फीसदी, नवादा में नौ फीसदी बारिश की अधिकता, जहानाबाद में मात्र दो फीसदी,अरवल में 32 फीसदी बारिश की कमी रहा गयी है. वहीं मुंगेर प्रमंडल के जमुई में मात्र 13 फीसदी, खगड़िया में मात्र दो फीसदी, मुंगेर में मात्र 17 फीसदी, लखीसराय में मात्र 16 फीसदी, बेगूसराय में 26 फीसदी व शेखपुरा में 27 फीसदी बारिश की कमी रह गयी है.
बारिश ने बचायी फसलों की जान
इन क्षेत्रों को अधिक फायदा
जानकारी के अनुसार के 12 जिले मसलन भोजपुर, रोहतास, भभुआ, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, किशनगंज, अररिया तथा कटिहार में 90 प्रतिशत से ऊपर, नौ जिले बक्सर, अरवल, सारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, समस्तीपुर तथा पूर्णिया में 80-90 प्रतिशत क्षेत्र में धान की रोपनी हुई है. इन जगहों पर बारिश बेहतर फायदा देगी.
इन क्षेत्रों को कम फायदा
औरंगाबाद, सीवान, पश्चिमी चंपारण तथा दरभंगा सहित कुल 4 जिलों में 70-80 प्रतिशत तक रोपनी हो पायी है. 11 जिले पटना, नालंदा, गया, जहानाबाद, वैशाली, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, शेखपुरा और बांका जिले में 50-70 प्रतिशत धान की रोपनी व नवादा तथा मुंगेर में 50 प्रतिशत से कम धान की रोपनी हो पायी है. ऐसे में जहां पहले से रोपनी कम हुई है. वहां फायदा भी बारिश का काम मिलेगा. गौरतलब है कि बीते वित्तीय वर्ष में राज्य के 25 जिलों के 280 प्रखंडों को सूखा घोषित किया गया था.
जमींदारी बांध के बायें तटबंध को असामाजिक तत्वों ने पहुंचाया नुकसान
पटना : कटिहार के फल्का ब्लॉक स्थित सुरसंड गांव में कुछ असामजिक तत्वों अपनी धान की फसल को बचाने के लिए थॉमस नदी (गंगा) पर ब्रांडी जमींदारी बांध के बाएं तटबंध को नुकसान पहुंचाया गया है.
प्रदेश के जल संसाधन मंत्री के निर्देशानुसार विभाग की तरफ से अपनी संपत्ति को पहुंचायी गयी क्षति को लेकर संबंधितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जा रही है. सूचना मिलने के बाद जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने बांध के कट-एंड को सुरक्षित कर लिया गया है. अभियंता प्रमुख खुद स्थल पर कैंप किये हुए हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन