एप से काम, कहीं परेशानी तो कहीं आसान
Updated at : 25 Sep 2019 3:55 AM (IST)
विज्ञापन

डिजिटल युग में प्रवेश कर सरकार ने भी कई योजनाओं को एप से जोड़ दिया है. इससे विभाग व लोगों का काम आसान हुआ है, लेकिन कई जगहों पर एप के बारे में जानकारी के अभाव व एप पर भेजी शिकायतों व आवेदनों के निबटाने में सुस्ती के कारण यह आम लोगों के लिए परेशानी […]
विज्ञापन
डिजिटल युग में प्रवेश कर सरकार ने भी कई योजनाओं को एप से जोड़ दिया है. इससे विभाग व लोगों का काम आसान हुआ है, लेकिन कई जगहों पर एप के बारे में जानकारी के अभाव व एप पर भेजी शिकायतों व आवेदनों के निबटाने में सुस्ती के कारण यह आम लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन गया है. करीब दर्जन भर विभागों ने अपनी योजनाओंव कामकाज को एप से जोड़ लिया है.
स्वच्छता एप
इस एप के माध्यम से
देश भर में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर काम किया जाता है. नगर विकास व आवास विभाग के निर्देश पर सभी निकायों में सर्वेक्षण के समय में आम लोगों से शिकायतें इसी एप पर अपलोड करने का प्रचार किया जाता है. अधिक लोगों का फीडबैक शहर की स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाता है.
रोजगार मेला एप
श्रम संसाधन विभाग एप तैयार कर रहा है, जिससे विभाग द्वारा लगाये गये रोजगार मेले में कितने को नौकरी मिली और कितने युवाओं को प्रशिक्षण मिला, इसकी जानकारी रहेगी.
स्थिति : इस एप
का अभी उद्घाटन किया जाना बाकी है.
बेस्ट एप
शिक्षा विभाग ने प्राथमिक स्कूलों की व्यवस्था में सुधार के लिए बेस्ट एप का उपयोग शुरू किया था. इस एप के जरिये स्कूलों से रोजाना बच्चों की संख्या, उनकी फोटो, शिक्षकों की उपस्थिति की मॉनीटरिंग आदि जुटायी जाती थी.
समस्या : शुरुआत के कुछ माह चलने के बाद अब इससे केवल रस्म अदायगी की जा रही है. दरअसल इस एप से दी जारी रही सूचनाओं पर खुद विभाग को भरोसा नहीं रहा. जब भी विभाग से स्कूलों में औचक निरीक्षण करा कर रिपोर्ट मंगायी जाती है, तो हालात बेस्ट एप के फीडबैक से अलग रहते हैं. पर नेटवर्क न मिलने का बहाना बनाया जाता है.
-म्यूनिसिपैलिटी एप
इस एप को भी नगर विकास व आवास विभाग की ओर से तैयार किया गया है. लगभग दो वर्ष से इ-म्यूनिसिपैलिटी वेबसाइट व एप चल रहे हैं.
परेशानी : नगर निगम से नक्शा के लिए ऑटो मैप व अन्य निकाय अपने एप का उपयोग करते हैं. इ-म्यूनिसिपैलिटी के काॅमन उपयोग कम हैं.
इ-अटेंडेंस एप
खान एवं भू-तत्व विभाग की ओर से कर्मचारियों के लिए लांच किया गया है.
स्थिति : रिपोर्ट बेहतर है.
इ-फॉरेस्ट्री एप
पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से हरियाली मिशन के तहत पौधा रोपण के लिए लाया गया है. इसके माध्यम से लोग पौधा लेने के लिए आवेदन करते हैं.
स्थिति : फिलहाल रिपोर्ट ठीक है.
आइसीडीएस कैश एप
समाज कल्याण और श्रम संसाधन विभाग में एप के माध्यम से लोगों को राहत पहुंचाया जा रहा है. समाज कल्याण विभाग एप के माध्यम से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग करता है.
सीविजिल एप
विधानसभा व लोकसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा लांच किया गया है. इसमें किसी भी शिकायत की फोटो व वीडियो डालने पर 100 मिनट में कार्रवाई का दावा किया जाता है.
असुविधा : अभी
केवल 18 जिलों में यह एप काम कर रहा है.
सीविजिल एप
विधानसभा व लोकसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा लांच किया गया है. इसमें किसी भी शिकायत की फोटो व वीडियो डालने पर 100 मिनट में कार्रवाई का दावा किया जाता है.
स्थिति : अधिकांश मामलों के निबटाने का दावा निर्वाचन आयोग करता है, लेकिन बावजूद इसके शिकायतें मिलती रहती हैं.
इ-मंडी एप
पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से लकड़ियों की खरीद-बिक्री के लिए एप लांच किया गया था.
स्थिति : जानकारी के अभाव में एप का उपयोग नहीं किया जा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




