ePaper

गरीब माता-पिता के बच्चों के पथ प्रदर्शक बने हैं पंकज

Updated at : 05 Sep 2019 8:43 AM (IST)
विज्ञापन
गरीब माता-पिता के बच्चों के पथ प्रदर्शक बने हैं पंकज

बंटी कुमार मोकामा : जिस तरह रात के अंधेरे में भटके हुए मुसाफिर को ध्रुव तारा राह दिखाता है. उसी तरह लोगों के जीवन पथ में भी एक रोल मॉडल का खास मायने है. यदि रोल मॉडल शिक्षक हो तो व्यक्ति सामाजिक उत्थान के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहते हैं. मोकामा के मोलदियार टोला निवासी शिक्षक […]

विज्ञापन
बंटी कुमार
मोकामा : जिस तरह रात के अंधेरे में भटके हुए मुसाफिर को ध्रुव तारा राह दिखाता है. उसी तरह लोगों के जीवन पथ में भी एक रोल मॉडल का खास मायने है.
यदि रोल मॉडल शिक्षक हो तो व्यक्ति सामाजिक उत्थान के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहते हैं. मोकामा के मोलदियार टोला निवासी शिक्षक पंकज कुमार गरीब व नि:सहाय बच्चों को तकरीबन 20 वर्षों से नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं. वह अपने गुरु स्व केदार सिंह के आदर्शों को अपनाकर समाज में शिक्षा की अलख जगाने में जुटे हैं.
मोकामा नगर पर्षद क्षेत्र और सुदूर टाल इलाकों के तकरीबन 100 निर्धन छात्र यहां पढ़ाई करते हैं, जबकि यहां पढ़ रहे अन्य 200 बच्चों की भी फीस निर्धारित नहीं की गयी है. गुरु दक्षिणा देना अन्य बच्चों की मर्जी पर है. पंकज कुमार ने बताया कि अन्य 200 बच्चों से मिले पैसे से गरीब बच्चों को किताब, कॉपी की व्यवस्था की जाती है. वह अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत विषयों की जानकारी पांचवीं से दसवीं तक के छात्रों को दे रहे हैं.
उन्होंने अपने छात्र जीवन से ही आस-पड़ोस के बच्चों को शिक्षित कर सही रास्ता दिखाने की ठान ली थी. इसको लेकर उन्हें अपने परिवार के बीच थोड़ा विरोध का भी सामना करना पड़ा था, लेकिन अब गांव के प्रबुद्ध लोगों का सहयोग मिल रहा है. नि:सहाय बच्चों को लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हर संभव मदद की जा रही है. सामाजिक कार्यकर्ता चंदन कुमार करते हैं कि आज के इस दौर में शैक्षणिक कार्य एक बड़े व्यवसाय के रूप में उभर रहा है.
बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के नाम पर शिक्षण संस्थानों की मनमानी चलती है. ऐसे में गरीब माता-पिता के बच्चों के लिए पंकज पथ प्रदर्शक बने हैं. वार्ड पार्षद सरदार दलजीत सिंह ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर शैक्षणिक व्यवस्था में पंकज का योगदान सराहनीय है. गरीब बच्चों को पढ़ाकर वह समाज को एक नया संदेश देने का काम कर रहे हैं.
गरीब बच्चों को पढ़ाने से मिलता है सुकून
शिक्षक पंकज कुमार का कहना है कि गरीब बच्चों को पढ़ाने में उन्हें सुकून मिला है. उनका मानना है कि गरीब बच्चों को पढ़ाना ही देश की सच्ची सेवा है. उन्हें यह सीख अपने गुरु स्व केदार सिंह से मिली थी.
शिक्षक केदार सिंह मोकामा मारवाड़ी हाइस्कूल में पदस्थापित थे. स्कूल पीरियड के बाद घर पर छात्रों को मुफ्त में ट्यूशन देते थे. उन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद भी लंबे समय तक बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने का सिलसिला जारी रखा था. यह सिलसिला पंकज के लिए रोल मॉडल बन गया.
उन्होंने अपने गुरु की तर्ज पर मुहल्ले के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की ठान ली. वहीं आस-पड़ोस के चार-पांच बच्चों को प्रमुख विषयों की तालीम देने की शुरुआत की थी. अब मुहल्ले के साथ सुदूर ग्रामीण इलाकों से भी छात्र पहुंचते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन