ऑनलाइन दाखिल खारिज के 10 लाख मामले, निबटाये 23 फीसदी
Updated at : 20 Apr 2019 5:13 AM (IST)
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पटना : जमीन के ऑनलाइन दाखिल खारिज की निष्पादित प्रक्रिया से लोगों की परेशानी दूर नहीं हुयी है. ऑनलाइन दाखिल खारिज के जमा लगभग 10 लाख 20 हजार मामले में मात्र दो लाख 35 हजार मामले का निष्पादन हुआ है. जिन लोगों का दाखिल खारिज मामले का निष्पादन नहीं हुआ है उनके सीओ कार्यालय का […]
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पटना : जमीन के ऑनलाइन दाखिल खारिज की निष्पादित प्रक्रिया से लोगों की परेशानी दूर नहीं हुयी है. ऑनलाइन दाखिल खारिज के जमा लगभग 10 लाख 20 हजार मामले में मात्र दो लाख 35 हजार मामले का निष्पादन हुआ है. जिन लोगों का दाखिल खारिज मामले का निष्पादन नहीं हुआ है उनके सीओ कार्यालय का चक्कर लगाने से छुटकारा नहीं मिला है.
ऑनलाइन दाखिल खारिज के जमा आवेदन में लगभग सात लाख आठ हजार मामले लंबित है. जबकि लगभग 76 हजार आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया है. पटना में सबसे अधिक 58 हजार 244 व सीतामढ़ी में 46 हजार 314 मामले लंबित है.
दो लाख आवेदन लंबित
ऑनलाइन दाखिल खारिज मामले में आवेदन की स्थिति का आलम यह है कि एक लाख 90 हजार मामले निष्पादन के लिए राजस्व कर्मचारियों के पास लंबित है. अंचल अधिकारियों के पास लगभग 52 हजार आवेदन निष्पादन के लिए रखा हुआ है.
अंचल अधिकारी के पास सारे काम पूरा होने के बाद ही आवेदन पहुंचता है. केवल उनका हस्ताक्षर बाकी है. अंचल कार्यालय में काम करनेवाले ऑपरेटर भी अपने पास लगभग 14 हजार आवेदन लंबित रखा है. सर्किल इंस्पेक्टर भी लगभग चार हजार मामले को दबाये हुए है.
कार्यालय का चक्कर लगाना मजबूरी
जमीन के दाखिल खारिज मामले के निष्पादन में तेजी लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू हुई. इसके भी पुरानी व्यवस्था से काम काज का निष्पादन हो रहा है. आवेदक को राजस्व कर्मचारी से लेकर अंचल अधिकारी के यहां चक्कर लगाना मजबूरी होती है. अन्यथा कब किस मोड़ पर आवेदन रिजेक्ट या फिर लंबित हो जाये कहना मुश्किल है. ऑनलाइन आवेदन करने के बाद राजस्व कर्मचारी व अंचल अधिकारी से मिलना आवश्यक होता है.
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