पटना : आयकर विभाग का छापा, बेटे-पत्नी को निदेशक बना खोल रखी थी निजी कंपनी
Updated at : 08 Mar 2019 6:56 AM (IST)
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पटना : आयकर विभाग ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक्जिक्यूटिव इंजीनियर मुरलीधर प्रसाद के घर पर दूसरे दिन भी अपना सर्च जारी रखा. इस दौरान उनकी अवैध संपत्ति और इसे छिपाने के कई तिकड़म भी सामने आये हैं. सरकारी इंजीनियर ने अपनी पत्नी और बेटे को निदेशक बनाकर एक निजी कंपनी खोल रखी है, जिसका […]
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पटना : आयकर विभाग ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक्जिक्यूटिव इंजीनियर मुरलीधर प्रसाद के घर पर दूसरे दिन भी अपना सर्च जारी रखा. इस दौरान उनकी अवैध संपत्ति और इसे छिपाने के कई तिकड़म भी सामने आये हैं.
सरकारी इंजीनियर ने अपनी पत्नी और बेटे को निदेशक बनाकर एक निजी कंपनी खोल रखी है, जिसका नाम लवली रानी कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है. एक अन्य कंपनी का भी पता चला है, जिससे संबंधित छानबीन चल रही है. इसमें कुछ ठेकेदार भी हिस्सेदार या शेयर होल्डर के तौर पर शामिल हैं. इन कंपनी के जरिये वे सरकारी ठेके तो लेते ही थे. साथ ही अपनी काली कमाई को छिपाने के लिए इसमें निवेश या लोन के रूप में दिखा देते थे.
इस तरह से लाखों रुपये की हेर-फेर उन्होंने इस कंपनी की आड़ में कर दी है. घर के डस्टबीन समेत अन्य स्थानों से बरामद किये 35 लाख से ज्यादा रुपये को भी वे इस कंपनी का ही बता रहे हैं, लेकिन इससे संबंधित कोई सबूत देने में वह नाकाम साबित हो रहे हैं. इस कंपनी का आइटी रिटर्न भी काफी कम करके या रेगुलर नहीं भरा जाता था. साथ ही इंजीनियर भी अपना आयकर रिटर्न कम भरते थे.
सर्च के दौरान लाखों के शेयर पकड़े गये हैं. इसमें लाखों रुपये के शेयर बेनामी या बिना नाम वाले हैं. कुछ शेयर पत्नी या बेटी के नाम पर भी लिये गये हैं. शेयरों के कुछ कागजात कुछ ठेकेदारों के नाम पर भी पाये गये हैं.
फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है. जांच में इंजीनियर का पटना के सगुना मोड़ में फ्लैट, कंकड़बाग में मकान समेत कई स्थानों पर जमीन के कागजात मिले हैं. इससे पहले पटना के गांधी मैदान के पास रामायण अपार्टमेंट में उनके फ्लैट में सर्च की शुरुआत की गयी थी.
इस फ्लैट में ही उनका पूरा परिवार रहता है. जांच में अन्य स्थानों पर भी जमीन-जायदाद का पता चला है. इसके अलावा उनके आधा दर्जन से ज्यादा बैंक एकाउंट और लॉकर का पता चला है. लॉकर को सर्च पूरा होने के बाद ही खोला जायेगा. सभी बैंक एकाउंटों में भी लाखों रुपये जमा हैं. फिलहाल सर्च पूरी होने के बाद ही इनकी पूरी अवैध संपत्ति का पता चल पायेगा.
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