पटना : फर्जी पेपर पर बैंक मैनेजर को बेचा फ्लैट
Updated at : 11 Jan 2019 9:30 AM (IST)
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पीएनबी के रिटायर्ड बैंक मैनेजर से हुई धोखाधड़ी पटना : पीएनबी के रिटायर्ड बैंक मैनेजर अनिल प्रेम प्रकाश मिंज के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है. प्रेम प्रकाश का आरोप है कि अाशियाना रोड में मौजूद आरटेक अपार्टमेंट के उनके फ्लैट संख्या 406-बी को फर्जी दस्तावेज के आधार पर पहले खरीदा गया और फिर उसे पटना […]
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पीएनबी के रिटायर्ड बैंक मैनेजर से हुई धोखाधड़ी
पटना : पीएनबी के रिटायर्ड बैंक मैनेजर अनिल प्रेम प्रकाश मिंज के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है. प्रेम प्रकाश का आरोप है कि अाशियाना रोड में मौजूद आरटेक अपार्टमेंट के उनके फ्लैट संख्या 406-बी को फर्जी दस्तावेज के आधार पर पहले खरीदा गया और फिर उसे पटना के एक बैंक प्रबंधक के पद पर तैनात पदाधिकारी को बेच दिया गया.
यह धोखाधड़ी आरटेक अपार्टमेंट में रहने वाले एक व्यक्ति ने की है. उसने अनिल प्रेम प्रकाश के नाम का फर्जी डीएल, फर्जी हस्ताक्षर बनाया है. निबंधन वासिका में विदेश में रहने वाली निदेशक राखी सिंह का जाली दस्तावेज बनाया कर गलत तरीके से फ्लैट को रमेश ने खरीद लिया.
अनिल प्रेम प्रकाश की जगह दूसरे को खड़ा कर दिया. गलत तरीके से फ्लैट खरीदने के बाद फ्लैट में रखे करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति को लूट लिया. फर्जीवाड़े का यह खेल 29 नवंबर 2017 को खेला गया है. अनिल प्रेम प्रकाश ने कार्रवाई के लिए एसएसपी कार्यालय पहुंचे हुए थे. उनका कहना है कि फ्लैट हथिया लिया गया है और अब जान से मारने की धमकी दी जा रही है. इस संबंध में सदर कोर्ट ने नोटिस भेजकर
जवाब मांगा है.
रांची में करा रहे थे इलाज, इधर करा ली रजिस्ट्री
दरअसल झारखंड के गोड्डा जिले के भीठा होली-डे, प्रेरणा कुंज के रहने वाले अनिल प्रेम प्रकाश पटना में पीएनबी के मैनेजर थे. 1992 में उन्होंने आशियाना रोड में आरटेक अपार्टमेंट में फ्लैट संख्या-406 बी खरीदा था. 1.80 लाख के इस फ्लैट को खरीदने के लिए उन्होंने बैंक से 1.50 लाख रुपये का लोन लिया था. पेमेंट करने के बाद बिल्डर्स ने पजेसन लेटर और 30 हजार रुपये लेकर पार्किंग दे दिया.
1992 से ही अनिल प्रेम प्रकाश फ्लैट में रहने लगे. वर्ष 2018-19 तक नगर निगम में होल्डिंग टैक्स उनके नाम से कटा है. इस बीच अनिल प्रेम प्रकाश रांची इलाज कराने गये. 20 नवंबर, 2017 को दूसरे व्यक्ति को अनिल प्रेम प्रकाश की जगह खड़ा करा कर फ्लैट की रजिस्ट्री करा ली. शास्त्री नगर थाने में आवेदन दिया लेकिन एफआइआर दर्ज नहीं की गयी. आरोपित से जान से मारने की धमकी मिली.
बिना वेरिफिकेशन दे दिया 15 लाख का लोन : फ्लैट संख्या-406 बी को पटना के एक बैंक मैनेजर को बेच दिया. बैंक मैनेजर ने इलाहाबाद बैंक की खाजपुरा शाखा से 15 लाख रुपये का लोन ले लिया, जो बिना वेरीफिकेशन के दे दिया गया.
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