भूमिहीनों को आवास के लिए जमीन खरीदने को मिलेंगे 60000 रूपये, बिहार पहला राज्य, जहां शुरू हुईं ये योजना

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Oct 2018 6:42 AM

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना में भूमिहीन गरीबों को आवास के लिए जमीन खरीदने के लिए 60 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी. इस योजना के तहत जमीन […]

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना में भूमिहीन गरीबों को आवास के लिए जमीन खरीदने के लिए 60 हजार रुपये की सहायता दी जायेगी. इस योजना के तहत जमीन खरीदने वालों को रजिस्ट्री शुल्क समेत अन्य किसी तरह की फीस भी नहीं लगेगी.

मुख्यमंत्री ग्रामीण आ‌वास योजना के तहत वर्ष 1996 के पहले जिनका इंदिरा आवास बना है और अब वह जर्जर हालत में पहुंच गया है, तो इन्हें घर बनाने के लिए नये घर के बराबर एक लाख 20 हजार रुपये दिये जायेंगे. बिहार देश का पहला राज्य है, जहां ये योजनाएं शुरू की हैं.

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद कक्ष में आयोजित समाराेह के दौरान सीएम ने 244 लाभुकों को ग्रामीण आवास योजना और 206 लाभुकों को वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत चेक प्रदान किया. नीतीश कुमार ने कहा कि जो गरीब इस रुपये से जमीन खरीद लेंगे, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत घर बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये दिये जायेंगे. सभी राशि लाभुकों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जायेगी. पीएमएवाई की प्रतीक्षा सूची में कई लोगों के नाम आने के बाद भी उनके पास जमीन नहीं होने से वे घर नहीं बनवा पाते थे. इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने अपने स्तर से यह खास पहल की है.

प्रत्येक पंचायत में 5 लोगों को वाहन खरीदने के लिए अनुदान
सीएम ने कहा कि गांधीजी के चंपारण शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान दो वर्ष तक सिर्फ कार्यक्रम ही आयोजित नहीं किये जायेंगे, बल्कि उनके सशक्त ग्राम स्वराज के सपने को भी साकार किया जा रहा है.
इसी वजह से सात निश्चय योजना की शुरुआत की गयी है. इसके अंतर्गत सभी टोलों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए संपर्क सड़क योजना चलायी जा रही है. गांव की गलियों को पक्का करने और घर-घर नल का जल मुहैया कराने के लिए योजना चल रही है. उन्होंने कहा कि जब सभी जगह सड़क बन जायेगी, तो लोग पैदल चलना पसंद नहीं करेंगे.
इसलिए प्रत्येक पंचायत में पांच लोगों को वाहन खरीदने के लिए एक लाख रुपये तक का अनुदान दिया जायेगा. यह अनुदान आठ और 16 सीट वाली सवारी गाड़ी को खरीदने के लिए दिया जायेगा. इस योजना की शुरुआत भी जल्द ही होने जा रही है. उन्होंने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि जब सड़के नहीं हुआ करती थीं, तो जनसंपर्क करने के लिए 17 किमी तक पैदल चलते थे.
शौचालय के उपयोग की डालें आदत
सीएम ने कहा कि पीने के लिए साफ पानी मिले और खुले में शौच से मुक्ति मिले, तो 90% बीमारियां नहीं होंगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि शौचालय का उपयोग करें. इसके लिए मानसिकता बदलने की जरूरत है. कई स्थान पर शौचालय बनने के बाद भी इसका उपयोग नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि जीविका में आठ लाख स्वयं सहायता समूह बन गये हैं.
10 लाख का लक्ष्य रखा गया है. महिलाओं से कहा कि वे इससे ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़ें. आमदनी भी बढ़ेगी और आपसी मेलजोल भी बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि बिहार के गौरवशाली इतिहास को फिर से लाना है. इसके लिए विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ, आपसी भाईचारा और सदभाव बनाने की जरूरत है.
पीएमएवाई के सभी घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन : मोदी
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पीएमएवाई के तहत बनने वाले सभी घरों को मुफ्त बिजली और गैस का कनेक्शन दिया जा रहा है. उज्ज्वला योजना के तहत 67 लाख गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जा चुका है. गांव बदल रहे हैं. नल से जल, सभी टोलाें को संपर्क सड़क से जोड़ना समेत अन्य सभी योजनाएं शहर के समान सुविधाएं दे रही हैं.
लोहिया स्वच्छता अभियान में अब तक 74% घरों में शौचालय बन गये हैं. अगले वर्ष अक्तूबर के पहले तक लक्ष्य प्राप्त हो जायेगा. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पहले गरीब जमीन नहीं होने के कारण काफी परेशान रहते थे. पीएमएवाई की सूची में नाम होते हुए भी घर नहीं बनवा पाते थे. अब ये लोग आसानी से घर बनवा पायेंगे.
बिहार पहला राज्य, जहां ये योजनाएं शुरू हुईं
मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना
भूमिहीन गरीबों को जमीन खरीदने के लिए राज्य सरकार 60 हजार रुपये देगी. तीन महीने में जमीन खरीद कर प्रखंड कार्यालय को सूचना देनी होगी. फिर उन्हें पीएमएवाई से आ‌वास बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये मिलेंगे. जिनके नाम पीएमएवाई की सूची में हैं और उनके पास जमीन नहीं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा. इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 22 हजार लाभुकों को इससे जोड़ने का लक्ष्य है.
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना
एससी, एसटी व अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को आवास बनाने के लिए नये घर के बराबर 1.20 लाख रुपये राज्य सरकार देगी. एक जनवरी, 1996 के पहले के बने जिनके आवास जर्जर हो गये हैं, उन्हें इसका लाभ मिलेगा. 2018-19 में 20 हजार लोगों को लाभ देने का लक्ष्य है.
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