निगरानी ब्यूरो व एसआईटी से की धांधली की शिकायत, टीम गठन कर जांच की मांग

Updated at : 22 Sep 2018 2:56 AM (IST)
विज्ञापन
निगरानी ब्यूरो व एसआईटी से की धांधली की शिकायत, टीम गठन कर जांच की मांग

पटना : इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में जारी हुए स्टाफ नर्सों के रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाते हुए लोगों ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, एसआईटी और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को लिखित में शिकायत दर्ज करा दी है. इतना ही नहीं कुछ लोगों ने रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री […]

विज्ञापन
पटना : इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में जारी हुए स्टाफ नर्सों के रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाते हुए लोगों ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, एसआईटी और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को लिखित में शिकायत दर्ज करा दी है. इतना ही नहीं कुछ लोगों ने रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भी ट्वीट किया है.
सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बाबा सहित कई लोगों ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो व एसआईटी से लिखित में शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि निगरानी ब्यूरो इस मामले की जांच करे और वाट्सएप पर वायरल हुए प्रश्नपत्र की जांच कर 19 सितंबर को जारी किये गये रिजल्ट को रद्द किया जाये. शिकायत पत्र में कहा गया है कि आईजीआईएमएस में लगातार धांधली के मामले सामने आ रहे हैं.
डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं. अधिकारियों की ओर से जांच नहीं की जाती है. इधर शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.
पीएम को किया ट्वीट
आईजीआईएमएस में 123 पदों पर हुई स्टाफ नर्स की परीक्षा व 19 सितंबर को जारी किये गये रिजल्ट के बाद कई नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने शिकायत की है. मुस्तफा ने बताया कि कुछ छात्रों ने वाट्सएप पर पेपर आउट का वायरल प्रश्नपत्र भी दिया हैं. इसको देखते हुए काउंसिल प्रधानमंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक ट्वीट के माध्यम से शिकायत करने जा रही है. इतना ही नहीं इस मामले की एसआईटी से जांच कराने की भी मांग की गयी है.
-मोहम्मद सफदर मुस्तफा, नेशनल एंटी क्राइम ह्यूमन
राइट काउंसिल ऑफ इंडिया के नेशनल चेयरमैन
ब्यूरो में शिकायत
इन दिनों स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार गड़बड़ियां देखने को मिल रही हैं. बहाली में जिन लोगों की पैरवी है, उनका नाम लिस्ट में है. जानकारी उसी समय लग गयी थी, जब पेपर आउट हो गया और परीक्षा रद्द नहीं की गयी. इतना ही नहीं 300 से अधिक छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया. इसको देखते हुए हमने निगरानी ब्यूरो, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव और एसआईटी को लिखित में शिकायत देकर जांच की मांग की है. अगर हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जायेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन