पटना : होटलों में कुछ खाएं तो अपने रिस्क पर, 30 सैंपल में आठ फेल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Aug 2018 9:37 AM
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पटना : शहर के किसी भी बड़े व छोटे होटलों में गर्म भोजन, समोसा, कचौड़ी या फिर बनी हुई कोई अन्य चीज खा रहे हैं, तो उसकी गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें. खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन चीजों की क्वालिटी की जांच करने से अपने हाथ खड़े कर दिये हैं. नमूनों की जांच की सुविधा […]
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पटना : शहर के किसी भी बड़े व छोटे होटलों में गर्म भोजन, समोसा, कचौड़ी या फिर बनी हुई कोई अन्य चीज खा रहे हैं, तो उसकी गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें. खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन चीजों की क्वालिटी की जांच करने से अपने हाथ खड़े कर दिये हैं. नमूनों की जांच की सुविधा नहीं होने की वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग को यह निर्णय लेना पड़ा है. दरअसल खाद्य सुरक्षा की जांच के लिए शहर में एक मात्र प्रयोगशाला में सिर्फ केमिकल युक्त खाद्य सामग्रियां जैसे मिठाई, मसाले, तेल आदि की जांच होती है. गर्म खाने की जांच की सुविधा नहीं है. नतीजा खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैंपल नहीं उठा पा रहे हैं.
एक चौथाई सैंपल फेल
दीपावली को लेकर अक्तूबर महीने में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के दर्जनों मिठाई दुकानों पर औचक छापेमारी की. तीन दिन तक लगातार छापेमारी में विभाग ने 30 सैंपल लिये. इन सैंपल को जांच के लिए पटना व कोलकाता भेजा गया. करीब दो महीने बाद आयी रिपोर्ट में 30 में आठ सैंपल फेल हो गये. यानी आठ मिठाई की क्वालिटी खराब निकली. रिपोर्ट के आधार पर विभाग की टीम ने शहर के दो दुकानों पर नियमानुसार कार्रवाई की. इनमें एक दुकान के खिलाफ आज भी कोर्ट में मुकदमा चल रहा है.
इन खाद्य पदार्थों की नहीं होती है सैंपलिंग
गर्म भोजन, समोसा, कचौड़ी, आॅमलेट, चाय, कॉफी,
चावल, दाल, रोटी, सब्जी, अंडा कड़ी व चिकेन समेत अन्य सामान
नहीं होती कार्रवाई
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत हर फूड सेफ्टी अफसर को हर महीने कम-से-कम आठ सैंपल क्वालिटी कंट्रोल, जांच के तहत लेनी है. जांच रिपोर्ट में यह सैंपल फेल होने के बाद विक्रेता व निर्माता को सुधार के लिए नोटिस जारी किया जाता है. लेकिन, जांच के अभाव में विक्रेता व निर्माता पर वैधानिक कार्रवाई नहीं की जा सकती.
भोजन की क्वालिटी भगवान भरोसे
शहर में गर्म भोजन के क्वालिटी की जांच नहीं होने से उनकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गये हैं. क्योंकि, लैब में भोजन जांच की सुविधा नहीं होने से होटल किस तरह की खाद्य सामग्री परोस रहे हैं, इसकी जानकारी न तो विभाग को है और न ही ग्राहकों को. जबकि, शहर के बड़े होटल या छोटे होटल में खराब खाने को लेकर कई बार ग्राहकों ने हंगामा भी किया है. लेकिन, जांच सुविधा नहीं होने के कारण ग्राहक चुप हो जाते हैं.
अधिकारी बोले
शहर के लैब में केमिकल जांच की सुविधा है. मिलावटी मिठाई, तेल, मसाले आदि सामग्रियों की जांच होती है. इनके सैंपल भी आते हैं और गलत पाये जाने पर कार्रवाई भी की जाती है. रही बात गर्म भोजन आदि खाद्य पदार्थों के जांच की, तो प्रयोगशाला में जांच की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है. जैसे ही सुविधा बहाल होगी, गर्भ भोजन की जांच शुरू हो जायेगी.
– अजय कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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