बिहार : सरकार ने सौंपी रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ने उठाये सवाल, चपरासी की सैलरी 36000 तो शिक्षकों की 26000 ही क्यों
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Mar 2018 7:22 AM (IST)
विज्ञापन

27 मार्च को होगी अगली सुनवाई नयी दिल्ली/पटना : नियोजित शिक्षकों के समान काम के लिए समान वेतन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा सौंपी गयी रिपोर्ट पर गुरुवार को असंताेष जताया. कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जब एक चपरासी की सैलरी 36 हजार रुपये है, तो एक शिक्षक की सैलरी […]
विज्ञापन
27 मार्च को होगी अगली सुनवाई
नयी दिल्ली/पटना : नियोजित शिक्षकों के समान काम के लिए समान वेतन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा सौंपी गयी रिपोर्ट पर गुरुवार को असंताेष जताया. कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जब एक चपरासी की सैलरी 36 हजार रुपये है, तो एक शिक्षक की सैलरी 26 हजार रुपये ही क्यों?
न्यायाधीश फाली एस नरीमन, न्यायाधीश एके गोयल और न्यायाधीश नवीन सिन्हा की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने बिहार के नियोजित शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी. पीठ ने अगली तिथि को सरकार से जवाब मांगा है कि नियोजित शिक्षकों को पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलाेक में वर्तमान समय से वेतनमान दिया जा सकता है कि नहीं. कोर्ट एरियर पर अलग से विचार करेगी. कोर्ट ने एरियर के मामने को फिलहाल पेंडिंग में रखा है.
पीठ ने बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर नाराजगी जाहिर की. पीठ ने कहा कि शिक्षक छात्रों का भविष्य निर्धारित करते हैं और उन्हें उचित वेतन मिलना चाहिए.
पैसे की कमी पर अदालत ने कहा कि इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार आपस में बात कर कोई रास्ता निकालें. बिहार सरकार ने अपनी 15 पेजों की रिपोर्ट में कहा है कि नियोजित शिक्षकों को नियमित करने पर वेतन और एरियर के तौर पर 52 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे और राज्य सरकार के पास इसे पूरा करने के पर्याप्त संसाधन नहीं है. राज्य सरकार ने रिपोर्ट में कहा है कि नियोजित शिक्षकों के वेतन में हर साल 20 फीसदी की वृद्धि की जायेगी, लेकिन इसका लाभ हासिल करने वाले शिक्षकों को सरकार द्वारा आयोजित विशेष परीक्षा पास करनी होगी. ऐसा करने से सरकार को हर साल 2088 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा.
गौरतलब है कि 29 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने बिहार सरकार को नियोजित शिक्षकों की समान काम के लिए समान वेतन की मांग पर कमेटी द्वारा रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था. बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ ने अदालत में दलील दी है कि जब वे सरकारी शिक्षकों के बराबर काम करते हैं, तो उन्हें भी समान वेतन मिलना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा
इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार आपस में बात कर कोई रास्ता निकालें
शिक्षक छात्रों का भविष्य निर्धारित करते हैं और उन्हें उचित वेतन मिलना चाहिए
अगली तिथि को सरकार बताये कि नियोजित शिक्षकों को पटना हाईकोर्ट के आदेश के आलाेक में वर्तमान समय से वेतनमान दिया जा सकता है कि नहीं
एरियर पर अलग से विचार होगा
सुप्रीम कोर्ट को साैंपी गयी रिपोर्ट की मुख्य बातें
विशेष परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को एक जनवरी, 2016 से लागू पे-मैट्रिक्स के आधार पर अनुमान्य अनुत्क्रमित वेतन स्तर पर 20% अतिरिक्त राशि जोड़ी जायेगी
अनुत्क्रमित वेतन स्तर व 20% राशि का योग उत्क्रमित मैट्रिक्स में अनुपलब्ध होने पर ठीक उसके ऊपर के स्तर का लाभ अनुमान्य होगा. इस क्रम में अलग से किसी वेतन निर्धारण का लाभ नहीं दिया जायेगा
नियोजित शिक्षकों को विशेष परीक्षा में शामिल होने के केवल दो अवसर मिलेंगे. यदि शामिल नहीं हुए तो विभाग मान लेगा कि संबंधित शिक्षक ने इस अवसर का उपयोग कर लिया है
वर्तमान में कार्यरत नियोजित शिक्षकों को ही विशेष परीक्षा पास होने पर उत्क्रमित वेतन मिलेगा
उत्क्रमित वेतन का लाभ पाने वाले शिक्षकों के वेतन में 20 प्रतिशत की वृद्धि हो जायेगी
विशेष परीक्षा की बात स्वत: खत्म हो जाती है
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट जो दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट का रुख समान काम समान वेतन के पक्ष में है. कोर्ट ने जब सरकार की रिपोर्ट को ही खारिज कर दिया तो रिपोर्ट में सरकार ने वेतन वृद्धि के लिए विशेष परीक्षा की जो बात कही है, वह स्वत: ही खत्म हो जाती है.
केदार नाथ पांडेय, अध्यक्ष, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




