बिहार : इंटरनेट के जरिये हुआ वर्षों पुराने प्यार का रिश्ता तार-तार, अब है कानून-पुलिस और जेल की दीवार...जानें मामला
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Feb 2018 8:06 AM (IST)
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प्यार, शादी, अब जेल : थानेदार का फोन घनघनाता रहा, पल-पल बदलते रहे निर्देश पटना : कदमकुआं थाना. दिन के 2:30 बज रहे हैं. थानेदार अपने चैंबर में कुर्सी पर चिंतित मुद्रा में बैठे हैं. सामने टेबल पर एक आवेदन रखा है. थानेदार कभी आवेदन पढ़ते हैं, तो कभी सिर खुजाते हैं, वे कुछ बोलना […]
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प्यार, शादी, अब जेल : थानेदार का फोन घनघनाता रहा, पल-पल बदलते रहे निर्देश
पटना : कदमकुआं थाना. दिन के 2:30 बज रहे हैं. थानेदार अपने चैंबर में कुर्सी पर चिंतित मुद्रा में बैठे हैं. सामने टेबल पर एक आवेदन रखा है. थानेदार कभी आवेदन पढ़ते हैं, तो कभी सिर खुजाते हैं, वे कुछ बोलना चाहते हैं, लेकिन तभी फोन बजने लगता है. वे बुदबुदाकर रह जाते हैं.
उनके पास दो मोबाइल फोन रखे हैं जो हर दो मिनट पर बज रहे हैं.
दरअसल थाने पर रविवार को हाई वोल्टेज ड्रामा चल रहा था. क्योंकि बीत रोज एक नई नवेली दुल्हन ने अपने दूल्हे और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगा रखे थे. इस पर थानेदार सहित तमाम अफसरों की नींद उड़ी हुई थी. थानेदार और डीएसपी रैंक के दो अफसरों की चिंता ये थी कि मामला दर्ज हो या नहीं. अगर हो तो धाराएं कौन सी लगाई जाएं?
थानेदार और थाने पर मौजूद अफसरों की फोन पर प्रतिक्रिया बता रही थी कि उन्हें फोन उनके वरिष्ठ अफसरों डीआईजी, एसएसपी, सिटी एसपी के रहे होंगे. ऐसा उन लाेगों की बातचीत में भी सामने आया.
टाउन डीएसपी लगातार मोबाइल फोन पर बने हुए हैं. बारी, बारी से सबका निर्देश आ रहा है. अचानक थाने का एक बार फिर घनघनाया, थानेदार के हाव भाव से लग रहा था कि वह फोन किसी बेहद सीनियर अफसर का है. थानेदार के जवाबों से लग रहा था कि सवाल कुछ ऐसे रहे होंगे- उस केस में क्या चला रहा है? धारा 376 का चार्ज बनता है या नहीं? थानेदार की बात से लगता है कि वह 376 के पक्ष में नहीं हैं.
दो दूसरे अधिकारी भी इस धारा के पक्ष में नहीं दिखे. दोनों अधिकारी ने फोन करके सलाह दी कि जब लड़की का कहना है कि वर्ष 2012 में दोनों ने मंदिर में शादी कर ली है तो यौन शोषण का आरोप कैसे लगा सकते हैं? लड़के ने शादी से इन्कार भी नहीं किया है, मामला शादी के बाद विदाई के दौरान बिगड़ा है, इसलिए अभी रुको रेप की धारा नहीं लगनी चाहिए. थानेदार थोड़ा राहत महसूस करते हैं.
उन्हें लगा कि मामला कुछ हल हो जायेगा, लेकिन तत्काल दोबारा फोन बजता है. इस बार डीएसपी से ऊपर के अधिकारी का फोन था. थानेदार फोन उठाने के साथ कुर्सी से खड़े हो गये. उनके हाव भाव से लगा कि फोन पर मौजूद अफसर उन्हें रेप की धारा लगाने को कह रहा है. इससे पहले कि थानेदार कुछ कह पाता फोन कट जाता है. निराश थानेदार फिर माथा पकड़ लेते हैं. अफसरों के दबाब और एक्सपर्टस की राय उन्हें असमंजश में डाले हुई थी. जाहिर हो गया था कि डीआईजी से लेकर डीएसपी तक लगातार अलग-अलग राय देते रहे.
इधर थाने पर दोनों लड़के और लड़की वाले दोनों डटे हुए थे. दोनों तरफ से एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा था. दूल्हा माफी मांग रहा था पर दुल्हन के चाचा उसे झिड़क भी रहे थे. करीब पांच बजे डीएसपी टाउन थाने पर पहुंचते हैं, थोनदार के चैंबर में मीटिंग शुरू हो जाती है, कुछ देर बाद डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर शिब्ली नोमानी भी पहुंचते हैं. रात आठ बजे केस दर्ज कर आरोपित वैभव को जेल भेज दिया जाता है.
क्या है मामला
9 फरवरी की रात में राजेंद्र नगर रोड नंबर-12 में एक मैरिज हॉल से वैभव आनंद की शादी हुई. 10 की सुबह विदाई के दौरान लड़की कार से अचानक कूद गयी और उसने आरोप लगाया कि उसकी हत्या की कोशिश की गयी. उसका जेवर लूट लिया गया. इसके अलावा जाति सूचक गाली देने और रेप का आरोप भी लगाया. हंगामे के बाद मामला थाने पहुंचा और तभी से लड़के को हिरासत में रखा गया था. यहां बता दें कि लड़का-लड़की दोनों एक दूसरे को स्कूल टाइम से जानते हैं. लड़का दिल्ली में एक एयरलाइंस कंपनी में कार्गो मैनेजर के पद पर तैनात है. पटना में त्रिपोलिया गेट का रहने वाला है और सरकारी कर्मचारी आलोक वर्मा का बेटा है जबकि लड़की हाईप्रोफाइल फैमिली से है. लड़की एक रिटायर्ड एडीजी की पोती है. उसके परिवार में कई पुलिस व अन्य अधिकारी हैं.
लॉ एक्सपर्ट व्यू
लड़की-लड़का मर्जी से लिव-इन रिलेशन में हैं और परिवार की सहमति से शादी करने को तैयार हैं तो रेप का आरोप लगना सही नहीं है. जहां तक कानूनी पक्ष की बात है तो कोर्ट में तात्कालिक घटनाक्रम को देखा जायेगा, न कि चार साल पहले के संबंध पर बात होगी. लड़का अगर आपराधिक प्रवृत्ति का है, उसके खिलाफ केस-मुकदमा है तो मामला लड़की के पक्ष में मजबूत हाे जायेगा.
– विजयलक्ष्मी सिंह, अधिवक्ता, पटना हाईकोर्ट
दुल्हन की तरफ से दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में ये हैं आरोप
दुल्हन ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि शादी के बाद जब कार में बैठी तो दूल्हे से उसका विवाद हुआ. उसकी गला दबाने की कोशिश की गयी. जब वह भागना चाह रही तो कार ड्राइव कर रहे दूल्हे के फूफा ने कार को लॉक करने का प्रयास किया. सारे गहने लूट लिये गये. इसके अलावा लड़के ने वर्ष 2012 से ही उसका यौन शोषण किया.
शादी में चार पहिया कार दी गयी, लेकिन वैभव और उसके घरवाले और महंगी कार चाहते थे, कार में जाति सूचक गाली भी दी. इस आरोप के बाद पुलिस ने दूल्हा वैभव आनंद, भाई सौरभ आनंद, पिता आलोक कुमार और दूल्हे के फूफा पर केस दर्ज किया. पुलिस के अधिकारी और थानेदार ने केस में धारा 376 होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों कि मानें तो धारा 376 के तहत केस दर्ज किया गया है.
– आरोप : लड़की के घरवालों व रिश्तेदारों का कहना है कि सबकुछ दहेज की लालच में हुआ है. लड़के वाले 25 लाख रुपये का दहेज गिफ्ट चाहते थे, लेकिन दहेज नहीं दिया गया. लड़की को कीमती गहने और कार दी गयी थी, लेकिन लड़का पक्ष संतुष्ट नहीं था. इसलिए शादी के वक्त लड़का गुस्से में आ गया था, शादी के मंडप से जा रहा था, लेकिन सभी रिश्तेदारों ने समझा कर उसे रोका. किसी तरह शादी हुई. विदाई के बाद कार में लड़की को पहले धमकी दी गयी फिर गला दबाने की कोशिश हुई.
– प्रत्यारोप: लड़के के पिता आलोक का कहना है कि दहेज की कभी मांग नहीं की गयी. दोनों में लव-अफेयर था. 2012 में दोनाें ने शादी की थी, लेकिन विधि विधान से शादी के लिए हमलोग तैयार थे, फिर दहेज की बात कहां से आ गयी. जब लड़की खुद कह रही है कि चार साल पहले मंदिर में शादी हुई थी तो रेप केस कैसे हो सकता है. जाति को लेकर आपत्ति होती तो शादी के लिए तैयार नहीं होते. लड़की की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, उसके परिवार वालों ने फंसाया है.
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