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पटना में मांस-मछली दुकानों पर सख्ती, लाइसेंस और QR कोड अब अनिवार्य

Updated at : 25 Feb 2026 10:56 AM (IST)
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Patna News

सांकेतिक तस्वीर

Patna News: पटना में मांस-मछली दुकानों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस दिया जाएगा और हर दुकान को एक यूनिक क्यूआर कोड जारी किया जाएगा. इस डिजिटल पहचान प्रणाली से दुकानों की निगरानी आसान होगी.

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Patna News: पटना नगर निगम ने शहर में मांस-मछली की बिक्री को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. अब पटना के हर मीट-मछली दुकानदार को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा.

खास बात यह है कि दुकानों की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार हर दुकानदार को एक ‘यूनिक क्यूआर कोड’ जारी करेगी, जिससे ग्राहक और प्रशासन एक क्लिक पर दुकान की पूरी जानकारी देख सकेंगे. स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह फैसला पटना की सूरत बदलने वाला साबित होगा.

हर दुकान की होगी डिजिटल पहचान

पटना नगर निगम ने शहर में मांस-मछली की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए नई लाइसेंस व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है. अब सभी दुकानदारों को सालाना लाइसेंस लेना होगा, जिसके लिए 2,000 रुपये शुल्क तय किया गया है. गरीबी रेखा से नीचे के दुकानदारों को शुल्क से छूट मिलेगी और उन्हें केवल 20 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा.

नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. लाइसेंस मिलने के बाद दुकानों को यूनिक QR कोड जारी किया जाएगा, जिसमें दुकान और दुकानदार की पूरी जानकारी दर्ज रहेगी.

अवैध दुकानों की पहचान शुरू

नगर निगम की जांच में शहर में बड़ी संख्या में बिना लाइसेंस के मांस-मछली की दुकानें संचालित होती मिली हैं. कई अंचलों में लाइसेंस प्रणाली वर्षों से ठप थी और खुले में बिक्री आम बात बन चुकी थी. हालिया जांच में 1400 से अधिक अवैध दुकानों की पहचान की गई है, जिन्हें नोटिस देकर लाइसेंस के लिए आवेदन करने को कहा गया है.

निगम प्रशासन का कहना है कि तय समयसीमा में आवेदन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और दुकानें बंद भी कराई जा सकती हैं.

उड़नदस्ता दस्ता रखेगा स्वच्छता मानकों पर नजर

शहर में स्वच्छता मानकों को लागू कराने के लिए पटना नगर निगम जल्द ही एक विशेष उड़नदस्ता टीम गठित करेगा. यह टीम समय-समय पर राजधानी पटना के विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण कर अवैध दुकानों, खुले में बिक्री और स्वच्छता व्यवस्था की जांच करेगी.

डिजिटल पहचान, नियमित लाइसेंसिंग और उड़नदस्ता निरीक्षण से अव्यवस्थित मांस-मछली बाजार पर नियंत्रण लगेगा और कारोबार अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और दुकान बंद कराने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.

धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

पटना नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी मंदिर, मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थलों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों के पास मांस-मछली बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.

सर्वेक्षण के दौरान अब तक पटना शहर में 1409 ऐसी दुकानों की पहचान की गई है जो मानकों का उल्लंघन कर रही थीं. इन सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है और तय समय सीमा में लाइसेंस न लेने पर भारी जुर्माने के साथ दुकान सील करने की कार्रवाई की जाएगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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