पटना में बनेगा एयरपोर्ट जैसा रेलवे टर्मिनल, हार्डिंग पार्क प्रोजेक्ट पर 400 करोड़ होंगे खर्च, जंक्शन की भीड़ से मिलेगी मुक्ति

Harding Park Project
Patna News: पटना जंक्शन की भीड़ से राहत मिलने वाली है. पटना जंक्शन पर यात्रियों का भारी दबाव अब गुजरे जमाने की बात होने वाली है. राजधानी के बीचों-बीच एक ऐसा पैसेंजर टर्मिनल बनने जा रहा है, जिसकी सुविधाएं किसी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कम नहीं होंगी शहर को जल्द एक ऐसा पैसेंजर ट्रेन टर्मिनल मिलने जा रहा है, जिसकी शक्ल-सूरत और सुविधाएं एयरपोर्ट जैसी होंगी.
Patna News: पटना के हार्डिंग पार्क में बनने वाला पैसेंजर ट्रेन टर्मिनल राजधानी के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान देने की तैयारी में है. पूर्व मध्य रेल ने इसके निर्माण को लेकर डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है और इस पूरी परियोजना पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. रेलवे बोर्ड से राशि की मंजूरी के लिए मार्च में प्रस्ताव भेजा जाएगा.
अप्रैल से शुरू होगा निर्माण, 18 महीने में पूरा करने की तैयारी
हार्डिंग पार्क पैसेंजर ट्रेन टर्मिनल का निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से होगा. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पहले फेज का काम पहले ही प्रगति पर है, जबकि दूसरे फेज की डीपीआर तैयार की जा रही है. निर्माण कार्य पूरा होने में करीब 18 महीने लगेंगे, हालांकि इसका दीर्घकालिक लक्ष्य 2029 तक का रखा गया है. यह टर्मिनल लगभग 4.8 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा.
इस नए टर्मिनल को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा. यहां भव्य स्टेशन बिल्डिंग, बड़े वेटिंग हॉल, मल्टी-लेवल पार्किंग, फुट ओवरब्रिज और सुव्यवस्थित प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे. रेलवे का दावा है कि यात्रियों को यहां एयरपोर्ट जैसा अनुभव मिलेगा, जहां आवाजाही और सुविधाएं दोनों सहज होंगी.
पटना जंक्शन पर घटेगा यात्रियों का भारी दबाव
हार्डिंग पार्क टर्मिनल के चालू होने के बाद पटना जंक्शन पर रोजाना यात्रियों का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा. टर्मिनल पर कुल पांच प्लेटफॉर्म होंगे, जहां से 80 से अधिक पैसेंजर ट्रेनें संचालित की जाएंगी. अनुमान है कि यहां प्रतिदिन 60 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही होगी. इससे पटना जंक्शन की भीड़ और ट्रैफिक दबाव में बड़ी राहत मिलेगी.
हार्डिंग पार्क पैसेंजर ट्रेन टर्मिनल को मेट्रो स्टेशन, फुट ओवरब्रिज और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब से जोड़ा जाएगा. इससे यात्रियों को ट्रेन से उतरकर मेट्रो, बस या अन्य साधनों तक पहुंचने में आसानी होगी. रेलवे इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित कर रहा है.
रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पूर्व मध्य रेल की सीपीआरओ सरस्वती चंद्र के अनुसार, डीपीआर तैयार होने के बाद मार्च में रेलवे बोर्ड को राशि की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा. मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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