बंटवारा नहीं होने पर भी जारी रहेगा सर्वे, एक्शन मोड में सरकार, 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 17 May 2026 5:43 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar Land Survey: बिहार सरकार ने दिसंबर 2027 तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है. पारिवारिक बंटवारा नहीं होने पर भी प्रक्रिया नहीं रुकेगी. अतिरिक्त कर्मचारी लगाए जाएंगे, AI से सरकारी जमीन चिन्हित होगी और जमीन के डॉक्यूमेंट अब सिर्फ ऑनलाइन मिलेंगे.
Bihar Land Survey: बिहार में जमीन सर्वे को लेकर सरकार अब पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गई है. राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि दिसंबर 2027 तक जमीन सर्वे का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा. परिवार में जमीन का बंटवारा हुआ हो या नहीं, सर्वे तय समय पर पूरा होगा. यानी जिन परिवारों में अब तक आपसी बंटवारा नहीं हुआ है, वहां भी सर्वे रुकेगा नहीं. ऐसी स्थिति में जमीन उसी पूर्वज या पुराने मालिक के नाम पर दर्ज रहेगी, जिसके नाम से पहले से रिकॉर्ड मौजूद है.
सरकार ने लोगों की सबसे बड़ी चिंता भी दूर कर दी है. अगर परिवार में जमीन का बंटवारा अभी तक नहीं हुआ है तो घबराने की जरूरत नहीं है. सर्वे के दौरान जमीन को लेकर प्रक्रिया जारी रहेगी और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर नाम दर्ज रहेगा. इससे सर्वे की रफ्तार पर असर नहीं पड़ेगा और काम समय पर पूरा किया जा सकेगा.
लंबित मामलों के लिए बढ़ेगी कर्मचारियों की संख्या
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने साफ किया है कि जहां जरूरत पड़ेगी वहां अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी. हाल के दिनों में हड़ताल की वजह से कई सर्किल ऑफिस में सर्वे से जुड़े मामले लंबित हो गए हैं. अब इन मामलों को तेजी से निपटाने के लिए राजस्व कर्मचारी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अतिरिक्त ड्यूटी करेंगे. सरकार की कोशिश है कि लंबित फाइलें जल्द खत्म हों और सर्वे में देरी न हो.
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बिहार में कई आपराधिक घटनाओं की जड़ जमीन विवाद है. कई बार हत्या और गंभीर झगड़ों की वजह भी जमीन का विवाद बनता है. इसी कारण सरकार चाहती है कि जमीन सर्वे, रिकॉर्ड अपडेट और स्वामित्व की स्थिति पूरी पारदर्शिता के साथ तय हो ताकि भविष्य में विवाद कम हो सके.
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सरकारी जमीन की पहचान में अब AI तकनीक की मदद
सरकार अब सरकारी जमीन की सही पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक का भी इस्तेमाल करेगी. इससे सरकारी जमीन पर कब्जे, रिकॉर्ड गड़बड़ी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. नई तकनीक के जरिए सर्वे प्रक्रिया को और ज्यादा सटीक बनाने की तैयारी है.
जमीन से जुड़े विवाद कम करने के लिए बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि अब लैंड डॉक्यूमेंट सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही जारी किए जाएंगे. ऑफलाइन रिकॉर्ड देने की व्यवस्था खत्म की जा रही है. इससे रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जी कागजात पर रोक लगेगी और लोग घर बैठे अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेज हासिल कर सकेंगे.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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