Nawada News: गोविंदपुर में हाहाकार: दो सप्ताह से जल मीनार ठप, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे 1400 परिवार
Published by : Vivek Ranjan Updated At : 16 May 2026 4:30 PM
Nawada News: गोविन्दपुर में नदी किनारे स्थित PHED की 50 हजार गैलन क्षमता वाली मोटर खराब होने से गांव के लोगों का मुश्किलें बढ़ गई हैं, ग्रामीणों नें आंदोलन की चेतावनी दी पढिए पूरी खबर नीचे
Nawada News: गोविन्दपुर में नदी किनारे स्थित PHED की 50 हजार गैलन क्षमता वाली मोटर खराब होने से गांव के लोगों का मुश्किलें बढ़ गई हैं, ग्रामीणों नें आंदोलन की चेतावनी दी पढिए पूरी खबर नीचे
Nawada News: (जावेद नजफ) नवादा जिले के गोविंदपुर पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित सकरी नदी के किनारे स्थापित लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की 50 हजार गैलन क्षमता वाली जल मीनार पिछले दो सप्ताह से सफेद हाथी बनी हुई है। मोटर में आई गंभीर तकनीकी खराबी के कारण क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि 14 दिन बीत जाने के बाद भी मरम्मत का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है, जिससे पांच वार्डों के करीब 1400 उपभोक्ता इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए बेहाल हैं.
महिलाओं और बच्चों की बढ़ी मुसीबत, चापाकलों पर लग रही कतारे
जलापूर्ति बाधित होने से सबसे ज्यादा मार महिलाओं और बच्चों पर पड़ रही है। दैनिक उपयोग के पानी के लिए लोगों को सुबह होते ही दूसरे के घरों और सार्वजनिक चापाकलों की दौड़ लगानी पड़ रही है। सुबह से ही पानी भरने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो जाती है। स्थिति यह है कि कई बार पानी मांगने पर लोगों को असहज स्थिति और तानों का सामना भी करना पड़ रहा है.
गांव का सारा काम प्रभावित
स्थानीय निवासी किरण देवी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, पिछले 12-14 दिनों से पानी की एक बूंद नहीं आई है. खाना बनाने, बर्तन धोने से लेकर कपड़े साफ करने तक के सारे काम ठप हैं। मजबूरी में दूसरों के घर से पानी मांगकर लाना पड़ रहा है, लेकिन वहां भी हमेशा पानी नहीं मिलता और कई बार लोगों की बातें भी सुननी पड़ती हैं.
गर्मी बढ़ने से स्थिति हुई विकराल, विभाग मौन
स्थानीय युवा गौतम कुमार ने बताया कि गोविंदपुर में पानी की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। दो सप्ताह से सप्लाई बंद होने के कारण लोगों में त्राहि-त्राहि मची है। उन्होंने मांग की है कि विभाग को एसी कमरों से बाहर निकलकर तुरंत मोटर की मरम्मत करानी चाहिए ताकि जनता को इस नरकीय स्थिति से राहत मिल सके.
ग्रामीणों के अनुसार, जल मीनार बंद होने से सुबह और शाम पानी के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. जो परिवार सक्षम हैं, वे निजी तौर पर इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर हैं. जैसे-जैसे गर्मी का पारा बढ़ रहा है, यह जल संकट एक बड़ी जन-समस्या का रूप लेता जा रहा है.
उग्र आंदोलन की तैयारी में ग्रामीण
स्थानीय आक्रोशित जनता ने पीएचइडी (PHED) विभाग के आला अधिकारियों से अविलंब मोटर ठीक कराकर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की गुहार लगाई है. ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर जल मीनार चालू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
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By Vivek Ranjan
विवेक रंजन टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.
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