Nalanda News: नालंदा में स्वास्थ्य कर्मियों का जोरदार प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Published by : Vivek Ranjan Updated At : 16 May 2026 5:06 PM

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Nalanda News: नालंदा जिला में सीएस कार्यालय के समक्ष धरना, 1 जून को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री आवास घेराव की चेतावनी पढिए पूरी खबर नीचे.

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Nalanda News: (रंजीत सिंह) बिहारशरीफ के बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ नालंदा के बैनर तले शनिवार को नियमित और संविदागत स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने मॉडल सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन (सीएस) कार्यालय के समक्ष आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सिविल सर्जन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग (बिहार सरकार) के सचिव को एक मांग पत्र भी सौंपा.

कर्मचारियों की मेहनत से सुधरी व्यवस्था, लेकिन खुद हक के लिए तरस रहे

धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे संघ के जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सफल बनाने में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दिन-रात एक किया है। उन्हीं के प्रयासों से आज बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और राष्ट्रीय मानकों के करीब पहुंची है। इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों की जायज और लंबित समस्याओं का समाधान न किया जाना बेहद खेदजनक है।

प्रमुख मांगें जिन पर स्वास्थ्य कर्मियों ने जताया आक्रोश

जिला मंत्री संजय कुमार ने धरने को संबोधित करते हुए संघ की मुख्य मांगों को रेखांकित किया

  • पदोनति (Promotion): नियमानुसार सभी संवर्ग के कर्मचारियों को जल्द से जल्द प्रोन्नति का लाभ दिया जाए।
  • अधिकारों का विकेंद्रीकरण: एएनएम (ANM) सहित राज्य संवर्ग के सभी कर्मियों का मातृत्व अवकाश, उपार्जित अवकाश, सेवा सम्पुष्टि और एमएसीपी (MACP) का आदेश जारी करने का अधिकार सीधे सिविल सर्जन, अधीक्षक और प्राचार्य को दिया जाए।
  • सेवा समायोजन: स्वास्थ्य समिति के कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली का गठन कर उनकी सेवा को समायोजित किया जाए।
  • अवकाश और नियमितीकरण: संविदागत कर्मियों की सेवा को नियमित किया जाए और अर्बन एएनएम को सभी निर्धारित अवकाश दिए जाएं।
  • न्यूनतम वेतन: आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे कर्मियों को न्यूनतम वैधानिक पारिश्रमिक के रूप में ₹26,000 प्रति माह का भुगतान किया जाए।

महिला सशक्तिकरण पर उठ रहे सवाल

संघ की सहायक जिला मंत्री मीना कुमारी एवं संयुक्त मंत्री नीलम कुमारी ने संयुक्त रूप से कहा कि एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ महिला स्वास्थ्य कर्मियों की पदोन्नति को सालों से लंबित रखा गया है। यह सरकार की कथनी और करनी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।

अधिकारियों की उदासीनता पर चिंता

हिलसा के अनुमंडल मंत्री रंजीत रंजन और बिहारशरीफ के अनुमंडल मंत्री अरुण कुमार ने कहा कि परिवार कल्याण कार्यकर्ताओं की प्रोन्नति निदेशालय स्तर पर और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की प्रोन्नति सिविल सर्जन कार्यालय स्तर पर लंबित है। प्रशासन की यह उदासीनता कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.

1 जून को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव

संघ के संघर्ष मंत्री रितेश कुमार और संघर्ष उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने बिहार सरकार को सीधे चेतावनी देते हुए कहा की अगर बिहार सरकार स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए संघ के शिष्टमंडल से अविलंब वार्ता नहीं करती है, तो आगामी 01 जून 2026 को राज्यभर के हजारों स्वास्थ्य कर्मी पटना में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष विशाल राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन करेंगे.

इनकी रही उपस्थिति

इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन को कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार, मनीष कुमार, कुमार अमित, वीरेंद्र कुमार, दिलीप कुमार, मो. शाकिब, अनुपमा कुमारी, बेबी कुमारी, अर्चना कुमारी, सुनीता सिन्हा, कुसुम कुमारी, गौरव कुमार, राजीव कुमार, अनंत कुमार और आदित्य कुमार सहित सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मियों ने संबोधित कर अपनी एकजुटता जताई.

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लेखक के बारे में

By Vivek Ranjan

विवेक रंजन टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.

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