बाल सुरक्षा मजबूत करने की पहल : नालंदा में सहायक भर्ती के 30 पदों पर निकली वैकेंसी, प्रति केस 9000 रुपये तक मानदेय ; 20 जुलाई तक करें आवेदन

Author Kanchan kumar|Edited by Raginisharma
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सांकेतिक तस्वीर

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नालंदा जिले में बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने 30 सहायक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. पॉक्सो मामलों में पीड़ित बच्चों को सहयोग देने के लिए यह संविदा आधारित भर्ती है. योग्य उम्मीदवार 20 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं.

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Nalanda POCSO Recruitment 2026 : नालंदा जिले में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने अहम पहल की है. पॉक्सो एक्ट के तहत मामलों के बेहतर संचालन और पीड़ित बच्चों को सहयोग देने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई ने 30 सहायक व्यक्तियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह भर्ती संविदा के आधार पर सूचीबद्ध करने के लिए की जा रही है, जिसके लिए योग्य और अनुभवी अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं. इच्छुक उम्मीदवार 20 जुलाई 2026 की शाम 5 बजे तक ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.

इस संबंध में आधिकारिक विज्ञापन भी जारी किया गया है, जिसमें आवेदन की पूरी प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी दी गई है. आवेदन पंजीकृत डाक के जरिए भेजा जा सकता है या फिर अभ्यर्थी खुद कार्यालय में जाकर जमा कर सकते हैं.

पॉक्सो मामलों में बच्चों को मिलेगा सीधा सहयोग

चयनित सहायक व्यक्ति पॉक्सो मामलों में पीड़ित बच्चों के लिए अहम भूमिका निभाएंगे. ये लोग बच्चों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मार्गदर्शन देंगे और उन्हें मानसिक रूप से सहयोग प्रदान करेंगे. इसके साथ ही काउंसिलिंग, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी मदद करेंगे. प्रशासन का उद्देश्य है कि बच्चों को एक सुरक्षित और संवेदनशील माहौल मिल सके, ताकि वे बिना डर के न्याय प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें.

योग्यता और अनुभव को लेकर सख्त मानदंड

इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता भी तय की गई है. अभ्यर्थियों के पास सामाजिक कार्य, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, बाल विकास या विधि विषय में स्नातकोत्तर डिग्री होना जरूरी है. वहीं जिनके पास किसी भी विषय में स्नातक के साथ बाल अधिकार या काउंसिलिंग में डिप्लोमा है, वे भी आवेदन कर सकते हैं.

इसके अलावा उम्मीदवारों के पास कम से कम तीन साल का अनुभव होना अनिवार्य किया गया है. बाल संरक्षण, बाल मनोविज्ञान या सामाजिक कार्य के क्षेत्र में काम करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी. खासकर वे लोग जिन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड या चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है, उन्हें चयन में बढ़त मिल सकती है.

आरक्षण और आयु सीमा का पूरा ध्यान

भर्ती प्रक्रिया में सरकार की आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा. कुल पदों में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए 25 प्रतिशत, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के लिए 20 प्रतिशत और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी गई हैं. इसके साथ ही सभी वर्गों में 40 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.

आयु सीमा की बात करें तो अभ्यर्थियों की न्यूनतम उम्र 30 वर्ष और अधिकतम 65 वर्ष तय की गई है.

प्रति केस मिलेगा अच्छा मानदेय

चयनित सहायक व्यक्तियों को प्रति पॉक्सो केस के आधार पर मानदेय दिया जाएगा. विभाग के अनुसार एक केस में अधिकतम 9000 रुपये तक का भुगतान किया जाएगा, जो तीन किस्तों में दिया जाएगा. इससे जुड़े लोगों को काम के अनुसार आर्थिक लाभ भी मिलेगा.

इस पते पर भेजना होगा आवेदन

आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र, अनुभव प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियां संलग्न करनी होंगी. आवेदन पत्र सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला परिषद भवन, बिहारशरीफ, नालंदा-803101 के पते पर भेजा जा सकता है या खुद जाकर जमा किया जा सकता है.

नालंदा जिला प्रशासन की यह पहल बच्चों के अधिकार और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. पॉक्सो मामलों में संवेदनशीलता और पेशेवर सहयोग सुनिश्चित करने से पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सकेगी. आने वाले समय में इस पहल के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं.

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