फर्जी लोन के नाम पर देशभर में ठगी करने वाला साइबर गिरोह नवादा में पकड़ा गया, 8 मोबाइल और 1.24 लाख नकद बरामद
गिरफ्तार आरोपी
नवादा में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है जो सस्ते ब्याज पर बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर देशभर के लोगों से ऑनलाइन ठगी करता था. पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में नकदी व मोबाइल बरामद किए हैं.
Cyber Crime : नवादा में साइबर पुलिस ने सस्ते ब्याज पर बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर देशभर के लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है. साइबर एसआईटी ने वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के कोच गांव में छापेमारी कर प्राथमिकी अभियुक्त हिमांशु कुमार को गिरफ्तार किया है. वहीं, एक विधि-विरुद्ध बालक को भी निरुद्ध किया गया है. पुलिस ने आरोपित के पास से 8 मोबाइल फोन, दो बाइक और 1 लाख 24 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं.
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य खुद को धनी फाइनेंस और बजाज फाइनेंस का फर्जी प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे. कम ब्याज पर तत्काल लोन दिलाने का लालच देकर पहले लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था. इसके बाद लोन पास कराने, फाइल चार्ज, इंश्योरेंस और प्रोसेसिंग फीस समेत अलग-अलग मदों में ऑनलाइन पैसे मंगाए जाते थे. रकम मिलते ही आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देते थे.
कोच गांव में छापेमारी के बाद गिरफ्तारी
साइबर ठगी की शिकायतों की जांच के दौरान नवादा साइबर पुलिस को गिरोह से जुड़े लोगों के संबंध में जानकारी मिली. इसके आधार पर साइबर एसआईटी ने वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के कोच गांव में छापेमारी की.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्राथमिकी अभियुक्त हिमांशु कुमार, पिता राजेश कुमार, निवासी कोच गांव को गिरफ्तार कर लिया. वहीं एक विधि-विरुद्ध बालक को पुलिस ने निरुद्ध किया.
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपितों के पास से 8 मोबाइल फोन और दो बाइक बरामद की. इसके अलावा 1 लाख 24 हजार रुपये नकद भी पुलिस के हाथ लगे हैं. बरामद मोबाइल फोन को जांच के लिए खंगाला जा रहा है.
फर्जी फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बनकर करते थे फोन
पुलिस के अनुसार साइबर गिरोह के सदस्य लोगों को फोन कर खुद को धनी फाइनेंस और बजाज फाइनेंस का प्रतिनिधि बताते थे. बातचीत के दौरान लोगों को कम ब्याज पर तत्काल बैंक लोन दिलाने का भरोसा दिया जाता था.
लोन लेने के इच्छुक लोगों से पहले उनकी व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाती थी. इसके बाद लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर अलग-अलग शुल्क मांगे जाते थे. आरोपित फाइल चार्ज, इंश्योरेंस और प्रोसेसिंग फीस जैसे नामों का इस्तेमाल कर पीड़ितों से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराते थे.
एक बार पैसे खाते में आने के बाद ठग पीड़ित से संपर्क तोड़ देते थे. जिस मोबाइल नंबर से बातचीत की जाती थी, उसे भी बंद कर दिया जाता था. इस तरह पीड़ित को न तो लोन मिलता था और न ही जमा की गई रकम वापस होती थी.
मोबाइल की जांच में मिले ठगी के साक्ष्य
पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन की जांच की तो साइबर ठगी से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिले. पुलिस के अनुसार मोबाइल में देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से की गई कथित ठगी से संबंधित जानकारी मिली है.
जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से भी इन गतिविधियों के तार जुड़े होने के संकेत मिले हैं. इससे पुलिस को गिरोह के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने की जानकारी मिली.
अब पुलिस बरामद मोबाइल फोन में मौजूद नंबरों, बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है. इसके आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
साइबर थाना नवादा में दर्ज है मामला
इस मामले में साइबर थाना नवादा में कांड संख्या 75/26 दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ ही मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है.
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की कुल रकम कितनी है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य देश के किन-किन राज्यों में लोगों से संपर्क करते थे.
पुलिस बरामद मोबाइल और अन्य सामान की तकनीकी जांच के आधार पर गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है.
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