नवादा में ANM छात्रा से जबरन सिंदूर डालकर शादी का आरोप, कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज, गिरफ्तारी की तलवार
नवादा के रजौली अस्पताल में प्रशिक्षण के दौरान ANM छात्रा की मांग में जबरन सिंदूर भरने और शादी के लिए दबाव बनाने के आरोप में आरोपी ब्रजेश कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली है. नवादा व्यवहार न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उसकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है.
Nawada ANM Student Forced marriage Case : नवादा के रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में प्रशिक्षण के दौरान ANM छात्रा की मांग में कथित तौर पर जबरन सिंदूर डालने और शादी के लिए दबाव बनाने के मामले में आरोपी ब्रजेश कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली. नवादा व्यवहार न्यायालय के एडीजे वन की अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है.
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अस्पताल में प्रशिक्षण के दौरान घटना का आरोप
मामला अकबरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 23 वर्षीय ANM छात्रा से जुड़ा है. पीड़िता ने रजौली थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि 9 मई 2026 की दोपहर करीब एक बजे वह रजौली अनुमंडलीय अस्पताल में प्रशिक्षण के दौरान ड्यूटी पर थी. इसी दौरान गोविंदपुर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव निवासी ब्रजेश कुमार अपने दो सहयोगियों के साथ अस्पताल परिसर पहुंचा.
पीड़िता के अनुसार, इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर जबरन उसकी मांग में सिंदूर डाल दिया. घटना के बाद मामले को लेकर रजौली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.
शादी से इनकार पर धमकी देने का भी आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी ब्रजेश कुमार उसे लगातार फोन करता रहा और रास्ते में रोककर शादी के लिए दबाव बनाता था. छात्रा का कहना है कि शादी से इनकार करने पर उसे और उसके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी भी दी गई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल की थी अर्जी
मामले में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए आरोपी ब्रजेश कुमार की ओर से नवादा व्यवहार न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और पुलिस डायरी में दर्ज तथ्यों को अदालत के सामने रखा.
दोनों पक्षों की दलील सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद एडीजे वन की अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी.
जमानत खारिज के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ
अदालत के आदेश के बाद अब पुलिस के लिए आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है. वहीं, पीड़िता और उसके परिजनों ने अदालत के फैसले पर राहत जताई है. अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थान पर महिला स्वास्थ्यकर्मी के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़े इस मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के आदेश को अहम माना जा रहा है.
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