रजौली के नहरों में जान से खिलवाड़ कर रहे युवा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

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नहर में डूबते हुए बच्चे व किनारे पर खड़ा बच्चों का झुंड | Prabhat Khabar Network

रजौली प्रखंड की फुलवरिया नहर खतरनाक स्टंट और हादसों का अड्डा बन गई है. तेज बहाव के बावजूद युवा जान जोखिम में डाल रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी त्रासदी हो सकती है. वायरल वीडियो ने स्थिति की भयावहता को उजागर किया है.

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रजौली प्रखंड अंतर्गत हरदिया पंचायत स्थित प्रसिद्ध फूलवरिया जलाशय से निकलने वाली नहर इन दिनों हादसों का केंद्र बनती जा रही है. बारिश के इस मौसम में जलाशय का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और फसलों की सिंचाई के लिए नहरों के फाटकों को खोल दिया गया है, जिससे जलधारा का प्रवाह बेहद तेज और घातक हो चुका है.

इसके बावजूद, आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने वाले युवकों का झुंड और जलाशय घूमने पहुंचने वाले पर्यटक सुरक्षा मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर नहरों में छलांग लगा रहे हैं. पानी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा लगाए बिना मनोरंजन के नाम पर किया जा रहा यह स्टंट किसी भी समय एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता है.

फोटो :- 1.नहर में डूबते हुए बच्चे व किनारे पर खड़ा बच्चों का झुंड   2. नहर में स्टंट के लिए रस्सी पर बैठे युवक | Prabhat Khabar Network
नहर में स्टंट के लिए रस्सी पर बैठे युवक | Prabhat Khabar Network

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता, बाल-बाल बची युवक की जान

सुरक्षा उपायों के अभाव के बीच सोशल मीडिया पर हाल ही में वायरल हुआ एक वीडियो स्थिति की भयावहता को साफ बयां कर रहा है. वीडियो में एक युवक नहरों के तेज बहाव में छलांग लगाने के बाद अचानक गहराई में समाने लगता है और डूबते हुए खुद को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करता दिखाई देता है.

गनीमत यह रही कि किनारे पर खड़े अन्य सतर्क युवकों ने त्वरित तत्परता दिखाते हुए डूब रहे युवक को समय रहते पानी से बाहर खींच लिया, जिससे उसकी जान बच सकी. यदि चंद सेकंड की भी देरी हो जाती, तो यह घटना एक दुखद हादसे का रूप ले सकती थी.

प्रशासनिक उदासीनता पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

इस गंभीर मामले पर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का आरोप है कि जलाशय के समीप नहरों पर रोजाना जानलेवा गतिविधियों के बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित महकमा पूरी तरह बेखबर बना हुआ है. अक्सर यह देखा जाता है कि बड़ी अनहोनी होने के बाद ही प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आते हैं. यदि प्रशासन समय रहते चेत जाए और नहरों के संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दे, तो ऐसे हादसों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है. ग्रामीणों ने प्रशासनिक स्तर पर अविलंब सख्त कदम उठाने की मांग की है ताकि समय रहते किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके.

फुलवरिया कैनाल में नहाना जानलेवा, कार्यपालक अभियंता

फुलवरिया जलाशय के नहरों में नहाने से होने वाले हादसों पर चिंता व्यक्त करते हुए सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता कुमार ब्रजेश ने कहा कि गश्त के दौरान विभागीय कर्मचारी लोगों को चेतावनी देकर वहां से हटाते हैं, लेकिन चौबीसों घंटे निगरानी संभव न होने के कारण लोग उनके हटते ही फिर पानी में कूद जाते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि नहरों में पानी का तेज बहाव और घूर्णन (सर्कुलेशन) होता है, जो पानी के करंट को तोड़ने और संरचना की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है. पानी का यह चक्कर बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है. केवल प्रशासन के भरोसे दुर्घटनाएं रोकना संभव नहीं है, इसलिए अभिभावक खुद पहल कर अपने बच्चों को ऐसी जोखिम भरी जगहों पर जाने से रोकें.


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Kr Manish Dev

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