इसे रोकें... वर्षों बाद भी नहीं मिला नगर पंचायत का दर्जा

Updated at : 12 Jan 2016 6:55 PM (IST)
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इसे रोकें... वर्षों बाद भी नहीं मिला नगर पंचायत का दर्जा

इसे रोकें… वर्षों बाद भी नहीं मिला नगर पंचायत का दर्जा रजौली. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने चुनावी सभा में रजौली के इंटर स्कूल में रजौली को नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा किया था. इसके बाद यहां के पदाधिकारियों ने रजौली पूर्वी, रजौली पश्चिमी व टकुआटांड़ पंचायत को नगर पंचायत में तब्दिल कर […]

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इसे रोकें… वर्षों बाद भी नहीं मिला नगर पंचायत का दर्जा रजौली. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने चुनावी सभा में रजौली के इंटर स्कूल में रजौली को नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा किया था. इसके बाद यहां के पदाधिकारियों ने रजौली पूर्वी, रजौली पश्चिमी व टकुआटांड़ पंचायत को नगर पंचायत में तब्दिल कर दिया था. नोटिफिकेशन के बाद यहां तीनों पंचायत मिलाकर कुल 17 वार्ड बनाये गये थे. इन वार्ड में सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए सैकड़ों लोगों ने अपना दस्तावेज तैयार कर एनआर भी कटाया था. लेकिन, यहां के पदाधिकारियों द्वारा कुछ ग्रामीण क्षेत्र को नगर पंचायत में शामिल कर दिये जाने के कारण उक्त मामला (नगर पंचायत) ठंडे बस्ते में पड़ गया था. रजौली निवासी रंजीत सिंह, टकुआटांड़ के तात्कालिक मुखिया राजेंद्र प्रसाद यादव, हरदिया मुखिया गीता देवी आदि ने इस संबंध में कहा कि रजौली को अनुमंडल बने दो दशक से ज्यादा हो गया है. उसके बावजूद रजौली को नगर पंचायत का दर्जा नहीं दिया जा सका. यह एक सोचनीय विषय है. साथ ही इन लोगों ने कहा कि जिले का हिसुआ बाजार व वारिसलीगंज प्रखंड होते हुए भी नगर पंचायत बना हुआ है. रजौली अनुमंडल मुख्यालय है. इसके बावजूद नगर पंचायत का दर्जा नहीं दिया गया. इसके कारण शहरी क्षेत्र का पूर्ण विकास नहीं हो पा रहा है.

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