बंगाल में SIR: हर दिन 1.75 से 2 लाख लोगों के दस्तावेज जांच रहे 700 जज, 47 लाख आपत्तियों का हुआ निपटारा

Updated at : 01 Apr 2026 6:24 PM (IST)
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West Bengal Voter List SIR Update Supreme Court Bengal Elections 2026

West Bengal Voter List SIR Update: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रही SIR प्रक्रिया पर संतोष जताया. 19 अपीलेट ट्रिब्यूनल्स के गठन की बात कही. कहा कि 7 अप्रैल तक सभी 60 लाख आपत्तियों पर फैसला हो जाने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर अब 6 अप्रैल को सुनवाई होगी.

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West Bengal Voter List SIR Update: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मतदाता सूची (Voter List) पर मचे घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बेहद महत्वपूर्ण आदेश जारी किया. चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की पीठ ने बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की प्रगति पर संतोष जताते हुए बताया कि कुल 60 लाख आपत्तियों में से 47.4 लाख का निपटारा किया जा चुका है. 700 जज हर दिन 1.75 लाख से 2 लाख मामलों की जांच कर रहे हैं.

19 ट्रिब्यूनल बनेंगे, रिटायर्ड जज संभालेंगे काम

वोटर लिस्ट से नाम हटने या गलत तरीके से जुड़ने की शिकायतों को सुनने के लिए चुनाव आयोग ने 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों (अपीलेट ट्रिब्यूनल) के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है. इन न्यायाधिकरणों की अध्यक्षता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस और रिटायर्ड जज करेंगे.

चीफ जस्टिस ने दिये स्पष्ट आदेश

CJI ने आदेश दिया कि इन ट्रिब्यूनल्स को चुनाव आयोग के उन रिकॉर्ड्स तक पूरी पहुंच दी जाये, जिनमें नामों को हटाने या जोड़ने के ‘कारण’ दर्ज हैं. कोर्ट ने जोर देकर कहा कि जिन लोगों के नाम काटे गये हैं, उन्हें भी नाम हटाने का ठोस कारण बताया जाना चाहिए.

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West Bengal Voter List SIR Update: 7 अप्रैल तक फाइनल होगी लिस्ट

सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पत्रों का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि 7 अप्रैल तक सभी लंबित आपत्तियों पर फैसला हो जायेगा. इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका सहित अन्य याचिकाओं पर अगली सुनवाई अब 6 अप्रैल को होगी.

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45 प्रतिशत नाम कटने का डर, वकीलों ने जतायी चिंता

ममता बनर्जी और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकीलों ने चिंता जतायी कि बंगाल में नाम हटाये जाने की दर लगभग 45 प्रतिशत है. यह बहुत अधिक है. उन्होंने एक बार फिर प्रक्रिया पर सवाल उठाये. इस पर चीफ जस्टिस ने कहा- ट्रिब्यूनल्स को अपना काम करने दें. ऐसा नहीं है कि आपके पास कोई कानूनी रास्ता नहीं बचा है. अपनी शिकायतें ट्रिब्यूनल के सामने रखें.

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कोर्ट ने कहा- तकनीकी आशंकाओं में न उलझें

चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने कुछ आशंकाओं को ‘अत्यधिक तकनीकी’ बताते हुए खारिज कर दिया. कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि प्रक्रिया में शामिल न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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