नक्सलबाड़ी में ममता बनर्जी- SIR के नाम पर 8 लाख नाम हटाये, NRC और डिटेंशन कैंप पर दी चेतावनी

Updated at : 25 Mar 2026 8:54 PM (IST)
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Mamata Banerjee Maynaguri Rally West Bengal Election 2026

नक्सलबड़ी में जनसभा को संबोधित करतीं बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी.

Mamata Banerjee Naxalbari Rally: सिलीगुड़ी के नक्सलबाड़ी में बुधवार को एक चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद जारी वोटर लिस्ट पर सवाल उठाये. उन्होंने 220 मौतों का आरोप लगाते हुए भाजपा और चुनाव आयोग को घेरा. पढ़ें ममता दी ने और क्या-क्या बातें कहीं.

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Mamata Banerjee Naxalbari Rally: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर बंगाल के दौरे पर पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मतदाता सूची (SIR) को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला. नक्सलबाड़ी की चुनावी जनसभा में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पहली पूरक सूची (Supplementary List) में करीब 8 लाख मतदाताओं के नाम काट दिये गये. उन्होंने इसे भाजपा की ‘विनाशकारी नीति’ करार दिया. उन्होंने कहा कि वह बंगाल में किसी भी कीमत पर एनआरसी (NRC) लागू नहीं होने देंगी.

ममता बनर्जी ने पूछा- सूची की फिजिकल कॉपी कहां है?

बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से मांग की कि ऑनलाइन प्रकाशित पूरक सूची की भौतिक प्रतियां (Physical Copies) तत्काल सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध करायी जायें. उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में ाये 27 लाख में से 8 लाख वोटर के नाम काट दिये गये. अगर सूची जारी हो गयी है, तो सरकारी कार्यालयों को क्यों उपलब्ध नहीं कराया गया. बिना फिजिकल कॉपी के वोटर का वेरिफिकेशन कैसे होगा?

SIR के कारण हुई 220 मौतें, भाजपा को शर्म आनी चाहिए – ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि SIR के दौरान लाइन में खड़े होने और मानसिक तनाव के कारण पश्चिम बंगाल में 220 लोगों की मौत हुई. उन्होंने दावा किया कि मरने वालों में आधे हिंदू और आधे मुसलमान थे. हालांकि, इन मौतों का अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है.

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जब बुजुर्गों की नागरिकता पर सवाल उठाये गये और उन्हें लाइनों में खड़ा किया गया, तब भाजपा किस मुंह से उनसे वोट मांगने आयेगी?

ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

Mamata Banerjee Naxalbari Rally: ममता ने खेला राजबंशी और आदिवासी कार्ड

दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी बेल्ट में चुनावी गणित साधते हुए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर आदिवासी और राजबंशी समुदायों के नाम मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर हटाये गये हैं. उन्होंने याद दिलाया कि इन समुदायों के लिए केवल तृणमूल कांग्रेस सरकार ही कल्याणकारी योजनाएं लेकर आयी हैं.

बंगाल में न एनआरसी, न डिटेंशन कैंप – ममता बनर्जी

अपनी रैली के अंत में ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए घोषणा की कि जब तक ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, यहां न तो एनआरसी (NRC) का काम होगा और न ही किसी को निरुद्ध शिविर (Detention Camp) में जाने दिया जायेगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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