भारत-बांग्लादेश सीमा से 3 संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार, खुफिया दस्तावेज और बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद

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सीमा सुरक्षा बल.

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Pakistani Spies Arrested in Bengal: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में बीएसएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 3 संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार. फर्जी बांग्लादेशी पासपोर्ट और खुफिया दस्तावेज बरामद.

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Pakistani Spies Arrested in Bengal: पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले कूचबिहार से 3 संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार किये गये हैं. इनकी गिरफ्तारी भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से विशेष खुफिया अभियान के तहत हुई है. सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त टीम ने इन्हें पकड़ा है. 11-12 अगस्त को उत्तर 24 परगना के हाबरा से राणा रऊफ उर्फ वहाब आलम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसके पास से भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम समेत कई जगहों के नक्शे मिले थे. स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले 3 संदिग्ध पाकिस्तानी जासूसों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड में ला दिया है.

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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को भेजने वाले थे सूचनाएं

शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों संदिग्ध जासूस भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों, सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था और बीएसएफ की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां और नक्शे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को भेजने की फिराक में थे. इनके नाम रशीद उल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीक उल इस्लाम हैं. शफीक बिहार के किशनगंज जिले का रहने वाला बताया जा रहा है. एसटीएफ ने आशंका जतायी है कि ये लोग बांग्लादेश के रास्ते भारतीय सिम पाकिस्तान भेजा करते थे. ये सिम कार्ड गलत पहचान के आधार पर खरीदे जाते थे.

बांग्लादेशी पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेजों का सहारा

सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय सीमा से जासूसी गिरोह के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिल रही थी. गिरफ्तार आरोपियों के पास से संदिग्ध बांग्लादेशी पासपोर्ट, फर्जी भारतीय पहचान पत्र और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. फॉरेंसिक और कॉल डिटेल जांच में पता चला है कि आरोपी लगातार एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिये पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे.

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अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की फिराक में थे आरोपी

जांच अधिकारियों ने बताया है कि पकड़े गये तीनों आरोपी बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान भागने या वहां से नये निर्देश प्राप्त करने की योजना बना रहे थे. तभी सुरक्षा बलों ने उन्हें धर दबोचा.

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सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, पूछताछ जारी

इस गिरफ्तारी के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल और राज्य पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है. सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिया है. केंद्रीय जांच एजेंसियां और एसटीएफ (STF) आरोपियों से किसी अज्ञात स्थान पर पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने भारत में किस-किस इलाके की संवेदनशील जानकारी हासिल की थी. स्थानीय स्तर पर उनके कौन-कौन से मददगार (Local Modules) हैं.

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हनीट्रैप के लिए भारतीय सीम का इस्तेमाल

एसटीएफ ने बताया है कि भारत में छिपे आईएसआई के एजेंट फर्जी पहचान पत्र के आधार पर सिम कार्ड खरीदकर उसे बांग्लादेश पहुंचा देते हैं. बांग्लादेश में बैठे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट उसे जमा करके पाकिस्तान भेज देते हैं. इन सिम कार्डों और फोन नंबर का इस्तेमाल मुख्य रूप से हनीट्रैप के लिए किया जाता है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी हनीट्रैप के जरिये ही भारत में अपना नेटवर्क तैयार करने में जुटी है. एसटीएफ को आशंका है कि बंगाल के अलावा भारत के अन्य राज्यों में भी आईएसएआई के एजेंट छिपे हो सकते हैं. सीमावर्ती इलाकों में सु्रक्षा बलों ने उनकी तलाश शुरू कर दी है.


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