बंगाल में तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान मॉड्यूल तैयार कर रहा था हमीम मंडल, निशाने पर थे 6 मंत्री

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हमीद मंडल उर्फ हमीम.

हमीद मंडल उर्फ हमीम.

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को हमीम मंडल नामक संदिग्ध आतंकी से पूछताछ में कई सुराग मिले हैं. वह पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों के निर्देश पर राज्य के 6 मंत्रियों को हनीट्रैप में फंसाने और उन पर हमले की साजिश रच रहा था. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जिस संदिग्ध आतंकी हमीद मंडल उर्फ हमीम को गिरफ्तार किया है, वह पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों के निर्देश पर पुलिसकर्मियों पर हथियारबंद हमले की साजिश रच रहा था. एसटीएफ की टीम इस बात की जांच कर रही है कि हमले कब और कहां होने थे. कहीं वह स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को किसी हमले की योजना तो नहीं बना रहा था.

मंत्रियों को फांसने की जिम्मेदारी अर्पिता को

पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुट ‘शहजाद भट्टी’ हनीट्रैप का इस्तेमाल कर राज्य के कम से कम 6 मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को इसमें फंसाने की साजिश रच रहा था. यह काम गिरफ्तार आतंकवादी नेता हमीम मंडल की महिला साथी अर्पिता सरकार को सौंपा गया था. एसटीएफ की जांच में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन शहजाद भट्टी के 2 ‘अमीरों’ (कमांडर) अजमल गुर्जर और राजा के नाम सामने आये हैं. यह भी पता चला है कि वे भारत के अलग-अलग राज्यों में आतंकवादियों की भर्ती के लिए सोशल मीडिया पर अलग-अलग नाम का इस्तेमाल कर रहे थे.

  • संदिग्ध आतंकी हमीम से पूछताछ एवं मोबाइल चैट की जांच से लगातार मिल रही नयी-नयी जानकारी
  • पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से सोशल मीडिया के जरिये हमीम को लगातार मिलते थे नये निर्देश

टीटीएच ने पंजाब में की पुलिस अफसरों की हत्या

संदिग्धों के पास से जब्त डिजिटल उपकरणों की अब तक की जांच में पता चला है कि हमीम मंडल न केवल शहजाद भट्टी गैंग के लिए काम कर रहा था, बल्कि ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (टीटीएच) का सदस्य भी था. टीटीएच ने इस साल फरवरी और मई में पंजाब में पुलिस अधिकारियों की हत्या की थी.

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5 हजार रुपए देकर लगवाते थे देश विरोधी पोस्टर

जांच अधिकारी को अब कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाकर और उनकी हत्या करके इसी तरह के हमले करने की साजिश का पता चला है. देखा गया है कि उक्त आतंकी संगठन के सदस्य देश विरोधी पोस्टर लगाने के लिए प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपए तक खर्च करते थे. हमला करने के लिए 3 लाख रुपए देते थे. पुलिस पर हमले और हथियार हासिल करने के निर्देश पाकिस्तान से सोशल मीडिया हैंडल के जरिये भेजे जाते थे.

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बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी पर हमले की रची थी साजिश

जांच में यह भी पता चला है कि आतंकवादियों ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर भी हमले की साजिश रची थी. उन्होंने हमले के संभावित तरीकों और रास्तों का खाका तैयार कर लिया था. इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को हमीम और अर्पिता सरकार ने दी थी. हैंडलर्स ने ड्राफ्ट की समीक्षा की, अपनी राय दी और संभावित रास्तों का सुझाव दिया.

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‘बंगाल में टीटीएच मॉड्यूल और स्लीपर सेल पर चल रहा था काम’

जांच अधिकारियों ने बताया है कि हमीम मंडल इस साजिश में अकेला नहीं था. पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स, जिनकी पहचान राणा, उजैर, आबिद जथ और हमार के तौर पर हुई है, ने सोशल मीडिया के जरिये कई और लोगों को इसमें शामिल किया था. बंगाल में कई टीटीएच मॉड्यूल बनाने की योजना थी. पाकिस्तान से मिले निर्देशों के आधार पर हमीम ने इस संबंध में कई बैठकें की थीं. वह कुछ हथियारबंद भी तैयार कर रहा था. इतना ही नहीं, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में फंड और हथियार जुटाने के लिए स्लीपर सेल भी बनाये जा रहे थे.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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