सवर्णों को आरक्षण देकर सरकार ने सबका साथ सबका विकास का वादा किया पूरा : गिरिराज सिंह

Updated at : 09 Jan 2019 8:17 PM (IST)
विज्ञापन
सवर्णों को आरक्षण देकर सरकार ने सबका साथ सबका विकास का वादा किया पूरा : गिरिराज सिंह

नवादा : सवर्णों को आरक्षण देने की पहल करके नरेंद्र मोदी की सरकार ने सबका साथ सबका विकास के वादे को पूरा किया है. साढ़े चार सालों की मोदी सरकार में ओबीसी कमीशन बनाकर उसे कानूनी मान्यता व हक दिया गया. एससी, एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाकर उसे बचाया गया. महिला उत्पीड़न का जीता-जागता उदाहरण […]

विज्ञापन

नवादा : सवर्णों को आरक्षण देने की पहल करके नरेंद्र मोदी की सरकार ने सबका साथ सबका विकास के वादे को पूरा किया है. साढ़े चार सालों की मोदी सरकार में ओबीसी कमीशन बनाकर उसे कानूनी मान्यता व हक दिया गया. एससी, एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाकर उसे बचाया गया. महिला उत्पीड़न का जीता-जागता उदाहरण तीन तलाक पर बिल लाकर मोदी सरकार ने समाज के हर वर्ग को उनका अधिकार दिलाया है.

उक्त बातें केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही. गिरिराज सिंह ने कहा कि आरजेडी के लोगों को सवर्णों को दिये जानेवाले आरक्षण की व्यवस्था पच नहीं रही है, इसलिए वो सवाल उठा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने गरीब सवर्णों को मोदी सरकार द्वारा दिये गये आरक्षण को सही करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सवर्णों आवाज को सुन कर संवैधानिक तरीके से सारी व्यवस्था किया है. उन्होंने कहा कि अन्य जातियों को सरकार द्वारा दिये जा रहे आरक्षण की व्यवस्था संवैधानिक है. संविधान में आज से पहले भी समाज व देशहित के लिए अब तक कुल 123 बार संविधान का संशोधन किया जा चुका है. देश के हित के लिए या अन्य विभिन्न मुद्दों के लिए और जब भी कोई विशेष कार्य प्रयोजन होता है तो संविधान में संशोधन करने का प्रावधान है.

केंद्रीय मंत्री ने राजद पर हमला बोतले हुए कहा कि आरजेडी के लोगों को सवर्णों को दिये जानेवाले आरक्षण की व्यवस्था पच नहीं रही है, इसलिए वो प्रश्न उठा रहे हैं. कांग्रेस के साथी इसे आनन-फानन में लाया गया बिल बता रहे हैं. जबकि, मोदी सरकार की यह गरीब सवर्णों के हित में उठाया गया कदम है. कांग्रेस अपने फायदे के लिए 1991 में नरसिम्हा राव के समय सवर्णों को आरक्षण देने के लिए अध्यादेश लायी थी. इसके बाद सभी संवैधानिक प्रक्रिया पुरी होने के बाद भी 2010 में इसे कानूनी रूप नहीं दिया जा सका कांग्रेस व विपक्ष में इच्छा शक्ति की कमी है. सवर्ण आरक्षण बिल का जो भी विरोध करेगा, जनता देख रही है उसे सही समय पर सबक सिखायेगी. पिछड़ापन दूर करने के लिए सबसे पहले बिहार बिहार की एनडीए सरकार ने सवर्ण आयोग बनाया था.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन