कॉलेजों में फुल हुईं सीटें
Updated at : 21 Jul 2015 7:51 AM (IST)
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एडमिशन को चक्कर लगा रहे विद्यार्थी अंगीभूत कॉलेजों में ही एडमिशन चाहते हैं विद्यार्थी बिहारशरीफ : जिले के विभिन्न कॉलेजों में स्नातक प्रथम खंड तथा इंटरमीडिएट में लगातार कई दिनों से हो रहे एडमिशन जहां अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, वहीं अब भी सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी नामांकन को लेकर कॉलेजों का […]
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एडमिशन को चक्कर लगा रहे विद्यार्थी
अंगीभूत कॉलेजों में ही एडमिशन चाहते हैं विद्यार्थी
बिहारशरीफ : जिले के विभिन्न कॉलेजों में स्नातक प्रथम खंड तथा इंटरमीडिएट में लगातार कई दिनों से हो रहे एडमिशन जहां अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, वहीं अब भी सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी नामांकन को लेकर कॉलेजों का चक्कर लगा रहे हैं.
कॉलेज अपनी निर्धारित सीटों के फुल हो जाने के बाद जहां एडमिशन फुल का परचा चिपका रहे हैं. वहीं विद्यार्थी एडमिशन को लेकर विभिन्न कर्मियों, प्राचार्यो तथा अन्य अधिकारियों की खुशामद में लगे हैं. सभी विद्यार्थियों को एडमिशन फुल होने की दुहाई देकर अपना पिंड छुड़ा रहे हैं.
सोमवार को नालंदा कॉलेज में इंटरमीडिएट में अप्लाइ के लिए आये छात्र अनुज कुमार ने बताया कि साइंस में सीट फुल हो जाने के कारण उन्हें आर्ट्स में अप्लाइ करना पड़ रहा है. इसी प्रकार पटेल कॉलेज में एडमिशन को आये छात्र दिलीप कुमार ने बताया कि इंटरमीडिएट साइंस में एडमिशन के लिए वे विभिन्न कॉलेजों में चक्कर लगा रहे हैं. इधर प्राचार्य डॉ राजकुमार मजूमदार का कहना है कि इंटरमीडिएट साइंस में हज 522 सीटें ही कॉलेज में हैं.
ऐसे में सीट से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन नहीं लिया जा सकता है. उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की भीड़ को देखते हुए इंटरमीडिएट में साइंस के लिए दो सेक्शन बढ़ाने की अनुमति विश्वविद्यालय से मांगी गयी है. अब तक अनुमति नहीं मिली है. अनुमति मिलने पर विद्यार्थियों को नामांकन लिया जायेगा.
एसपीएम कॉलेज में रिकॉर्ड तोड़ एडमिशन : स्थानीय सरदार पटेल मेमोरियल कॉलेज के स्नातक प्रथम खंड में इस बार एडमिशन का नया रिकार्ड बना है. कॉलेज के प्राचार्य डॉ आरके मजूमदार ने बताया कि कॉलेज के स्थापना काल से आज तक इतना एडमिशन कभी नहीं हुआ था. स्नातक प्रथम खंड के साइंस एवं आर्ट्स संकाय में अब तक लगभग 1200 विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है.
कहां जाएं इंटरमीडिएट के विद्यार्थी : कॉलेजों में इंटरमीडिएट कक्षा में एडमिशन के लिए आये विद्यार्थियों की अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि अब वे एडमिशन के लिए कहां जाएं. अधिकतर विद्यार्थी कई कारणों से अंगीभूत कॉलेजों में ही एडमिशन लेना चाहते हैं. उनका कहना है कि दूसरे कॉलेजों में सिर्फ एडमिशन, फॉर्म भराई तथा परीक्षा से कुछ हासिल होने वाला नहीं है. जिले के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भवन और शिक्षक के अभाव में पढ़ाई हो नहीं पाती है.
जिले में गिनती के हैं अंगीभूत कॉलेज : नालंदा जिले में नालंदा कॉलेज, किसान कॉलेज, सरदार पटेल मेमोरियल कॉलेज, नालंदा महिला कॉलेज तथा एसयू कॉलेज हिलसा ही अंगीभूत कॉलेज हैं.
सभी कॉलेजों में साइंस और आर्ट्स संकाय में अलग-अलग मात्र 522 सीटें ही स्वीकृत हैं. उनमें से अधिकतर कॉलेजों में कॉमर्स की पढ़ाई भी नहीं होती है. ऐसे में विद्यार्थियों के एडमिशन में हर वर्ष यह समस्या देखी जाती है.
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