महिला कॉलेज में पीजी की पढ़ाई नहीं,छात्राओं में मायूसी

Updated at : 05 Jul 2015 8:26 AM (IST)
विज्ञापन
महिला कॉलेज में पीजी की पढ़ाई नहीं,छात्राओं में मायूसी

बीएड और वोकेशनल कोर्स के लिए अन्यत्र जा रहीं छात्राएं नालंदा महिला कॉलेज में कमरों की भी है भारी कमी बिहारशरीफ : जिले के एक मात्र संबद्ध महिला कॉलेज नालंदा महिला कॉलेज में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाने के कारण कॉलेज की छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रही हैं. 1975 […]

विज्ञापन
बीएड और वोकेशनल कोर्स के लिए अन्यत्र जा रहीं छात्राएं
नालंदा महिला कॉलेज में कमरों की भी है भारी कमी
बिहारशरीफ : जिले के एक मात्र संबद्ध महिला कॉलेज नालंदा महिला कॉलेज में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाने के कारण कॉलेज की छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रही हैं. 1975 में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्थापित यह महाविद्यालय आज भी विभिन्न समस्याओं के मकड़ जाल में उलझा है.
यहां वर्तमान में इंटरमीडिएट तथा डिग्री कक्षाओं में लगभग पांच हजार से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं. महाविद्यालय का अधिकांश पुराना भवन या तो जजर्र है अथवा धराशायी हो चुके हैं. इससे यहां कमरों का भारी अभाव है और पठन-पाठन में समस्या आ रही है. कमरों के अभाव में न तो व्यवस्थित प्रयोगशाला है और न तो पर्याप्त अध्ययन कक्ष तथा जरूरी सुविधाएं है. हालांकि महिला कॉलेज होने के कारण जिले के छात्राओं की यह पहली पसंद है. कॉलेज के इंटर तथा डिग्री कक्षाओं में साइंस तथा आर्ट्स में एडमिशन फुल होते यहां देर नहीं लगती है.
यहां वर्तमान में विभिन्न विषयों के 21 विभाग संचालित है, लेकिन कई विभागाध्यक्षों को काफी परेशानी होती है. कॉलेज की अधिकांश छात्राओं ने पीजी की पढ़ाई, बीएड की पढ़ाई, वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ गल्र्स हॉस्टल, कॉन्फ्रेंस हॉल, एडिटोरियम आदि की व्यवस्था नहीं रहने पर महिला कॉलेज के साथ भेदभाव का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार का महिला उत्थान का सपना ऐसे कैसे पूरा किया जा सकता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन