प्रभारी बदले पर सिस्टम नहीं, अतिक्रमण की जद में शहर

Updated at : 06 Jun 2024 9:31 PM (IST)
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प्रभारी बदले पर सिस्टम नहीं, अतिक्रमण की जद में शहर

नगर निगम के गेट व स्टेशन रोड तक को नहीं कराया गया अतिक्रमण मुक्त, ऑफिस में बैठे-बैठे ही चुंगी वसूली की तरह कट जाता है रसीद

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर शहर की सड़कों पर अगर अतिक्रमणकारियों का कब्जा हो रहा है, तो इसके पीछे नगर निगम का भी शह है. ऐसा इसलिए है कि नगर निगम अतिक्रमण के खिलाफ कागज पर तो रोजाना अभियान चला कार्रवाई को दिखा दे रहा है. लेकिन, धरातल पर कुछ नहीं है. नगर निगम अपना गेट और स्टेशन रोड तक को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा पा रहा है. जबकि, जिला प्रशासन की तरफ से पुलिस बल तक मुहैया कराया गया है. पिछले महीने अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी विजय कुमार श्रीवास्तव को अवैध वसूली के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए नगर आयुक्त ने दूसरे व्यक्ति को इसका प्रभारी बनाया. लेकिन, सिस्टम में कोई सुधार नहीं दिख रहा है. स्थिति और खराब हो गयी है. ऑफिस में पहुंच खुद अतिक्रमणकारी रसीद कटा निगम के खजाना में कुछ रुपये जमा कर दे रहे हैं. यह खेल पहले भी होता था. इससे अतिक्रमणकारी और हिम्मत के साथ सड़क पर दुकान लगाते हैं. चौड़ाई बढ़ने के बावजूद पूरे दिन स्टेशन रोड में रहता है जाम स्टेशन रोड के दोनों तरफ नाला का निर्माण हो जाने के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ गयी है. लेकिन, जाम की समस्या से निजात नहीं मिला. सड़क की जितनी चौड़ाई बढ़ी है, उससे ज्यादा दुकानें और ऑटो-रिक्शा सड़क पर लगने लगी है. इससे इस भीषण गर्मी व धूप में स्टेशन रोड से गुजरना लोगों के लिए मुश्किल बन गया है. अधिकारियों की गाड़ी जब पहुंचती है, तब सायरन व बोर्ड देख ऑटो व ई-रिक्शा साइड कर देता है. लेकिन, आम पब्लिक पूरे दिन जाम में जूझते रहते हैं. ऐसी स्थिति तब है जब निगम की तरफ से दो-दो गार्ड की प्रतिनियुक्ति स्टेशन रोड में अपने गेट के पास की गयी है. हर महीने एक से दो हजार रुपये तक की अवैध वसूली शहर के अलग-अलग हिस्से में नगर निगम के कर्मचारी सड़क व नाला को कब्जा कर फल, सब्जी सहित अन्य चीजों की स्थायी तौर पर दुकान लगाने वाले से राशि की भी वसूली करते है. सबसे ज्यादा वसूली पानी टंकी चौक से होती है. कई फल व जूस के दुकान को स्थायी रूप से लगाने की यहां अनुमति मिल गयी है. पोस्ट ऑफिस के सामने इसका ढांचा भी तैयार किया गया है. इसके बदले हर महीने एक से दो हजार रुपये की वसूली नगर निगम के नाम पर होती है. अब सवाल है कि जो राशि वसूली जाती है. क्या वह निगम के खजाना में जमा होता है या किसी कर्मचारी के पॉकेट में रहता है. गहराई से इसकी जांच होने पर ही खुलासा संभव है. विजय को किया निलंबित, दूसरे पर भी होगी एफआइआर अवैध वसूली के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद विजय कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है. इसके बाद अब विभागीय कार्रवाई होगी. कानूनी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी पुलिस की है. अतिक्रमणकारियों के साथ सांठ-गांठ कर वसूली करते निगम के किसी भी अन्य कर्मियों की संलिप्तता सामने आयेगी. सीधे प्राथमिकी दर्ज कराते हुए निलंबित करने की कार्रवाई होगी. अतिक्रमण हटाने में लापरवाही बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जायेगी. नवीन कुमार, नगर आयुक्त

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