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शहर में प्रतिदिन करीब सौ लोगों को काट रहे कुत्ते

Updated at : 09 Jun 2024 9:30 PM (IST)
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शहर में प्रतिदिन करीब सौ लोगों को काट रहे कुत्ते

शहर में प्रतिदिन करीब सौ लोगों को काट रहे कुत्ते

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साइकिल, पैदल और बाइक से जाने वाले लोग हो रहे शिकार

झुंड बना कर कुत्ते कर रहे हमला, गिर कर चोटिल हो रहे लोग

उपपुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

इन दिनों शहर में कुत्तों का आतंक बढ़ा हुआ है. सड़क से लेकर गली मुहल्लों तक रोज करीब 100 लोग कुत्ता काटने के शिकार हो रहे हैं. इससे लोग दहशत में रह रहे हैं. खासकर जिन परिवार के बच्चे साइकिल से या पैदल कोचिंग या स्कूल जा रहे हैं, उन्हें कुत्ता काटने की आशंका बनी रहती है. शहर के पक्की सराय, चतुर्भुज स्थान, बिंदेश्वरी कंपाउंड, तिनकोठिया, नकुलवा चौक, अमर सिनेमा, क्लब रोड, गोशाला रोड, खादी भंडार रोड, कल्याणी, आमगोला, आरडीएस कॉलेज रोड, अघोरिया बाजार, पुरानी बाजार, नयी बाजार सब्जी मंडी, बनारस बैंक चौक, गोला रोड, सरैयागंज, कंपनीबाग, सदर अस्पताल रोड, माड़ीपुर सहित कई ऐसे इलाके हैं. जहां कुत्तों का झुंड सुबह से रात तक रहता है. साइकिल या बाइक से जाने वाले लोगों के पीछे दौड़ पड़ता है. लोग कुत्ता काटने के शिकार तो होते ही हैं. गिरने के कारण चोटिल भी हो जाते हैं. कई बार पूरे झुंड का कुत्ता एक साथ हमला कर देता है. इससे बचना संभव नहीं हो पाता. कई इलाकों में तो 50 कुत्तों का झुंड एक साथ रहता है और किसी के आने पर हमला कर देता है.

बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे कुत्ता काटने के अधिक शिकार

बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे कुत्ता काटने के अधिक शिकार हो रहे हैं. वे कुत्ता के दौड़ने से भाग नहीं पाते और कुत्ता उन्हें काट खाता है. अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लेने वाले लोगों में अक्सर बुजुर्ग, महिलाये और बच्चे होते हैं. अकेले पैदल चलने वाले व्यक्ति पर कुत्ता तुरंत हमला कर देता है. खासकर वैसे इलाके जहां मीट, मछली और चिकेन की दुकानें सजती हैं, वहां के कुत्ते अधिक आक्रामक होते हैं. उनसे बचना राहगीरों के लिये मुश्किल हो जाता है. इन दुकानों के आसपास दर्जनों आवारा कुत्ते मंडराते रहते हैं, जो आने-जाने वाले लोगों को तंग करते हैं.

रात होते ही कई इलाकों से गुजरना मुश्किल

रात होते ही शहर के कई इलाकों से गुजरना मुश्किल हो जाता है, जिन इलाकों में दिन में कुत्ते नजर नहीं आते हैं. वहां भी रात होने पर दर्जनों कुत्तों का झुंड सड़क पर घूमता रहता है. कार या ऑटो के पीछे ये कुत्ते दौड़ जाते हैं, लेकिन सवारी को कुछ नहीं होता. वहीं जब कोई बाइक या साइकिल सवार गुजरता है तो कुत्ते उसके पीछे दौड़ जाते हैं और लोगों को कुत्ते से बचना मुश्किल हो जाता है.

कुत्ता पालने वाले लोग भी रहे सावधान

जिला पशुपालन अधिकारी डॉ कुमार कांता प्रसाद ने कहा कि जो लोग घर में कुत्ता पालते हैं. वे भी सावधान रहे. यदि कुत्ता अपने मालिक की बात नहीं मानें. उसकी आंखें लाल हो, मुंह से लार गिरता रहे और पानी पीना नहीं चाहे तो वह कुत्ते के पागलपन के लक्षण है. ऐसी अवस्था में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें. डॉ कुमार कांता प्रसाद ने कहा कि जो लोग कुत्ता पालते हैं. वह साल में एक बार कुत्ते को टीका जरूर दिलायें. इससे कुत्ता के काटे जाने पर भी लोगों में रैबीज का खतरा कम हो जाता है. उन्होंने कहा कि कुत्तों को पकड़ने या नसबंदी करने की योजना पशुपालन विभाग के पास नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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