Muzaffarpur News: पुलिस पर हमले का आरोपी कॉमेडी एक्टर रमेश सहनी गिरफ्तार

Published by : Aaruni Thakur Updated At : 05 Jun 2026 10:32 PM

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आरोपी रमेश सहनी

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के पियर थाना क्षेत्र में पुलिस पर हमले और थानेदार को बंधक बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई. पुलिस ने बड़गांव के चर्चित कॉमेडी एक्टर रमेश सहनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा.

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मुजफ्फरपुर के बंदरा से सूर्यमणि कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के पियर थाना क्षेत्र में खाकी पर हुए हमले और तत्कालीन थानेदार को बंधक बनाने के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. बड़गांव चौक पर हुए इस भारी बवाल के बाद से फरार चल रहे एक मुख्य नामजद आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा है. गिरफ्तार किया गया यह आरोपी इलाके का एक चर्चित कॉमेडी एक्टर भी है, जो पुलिसिया कार्रवाई के बाद से लगातार फरार चल रहा था.


पियर चौक से दबोचा गया आरोपी एक्टर, कोर्ट ने भेजा जेल

पियर के वर्तमान थानाध्यक्ष कुंदन कुमार के नेतृत्व में की गई इस विशेष कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़गांव के रहने वाले आरोपी रमेश सहनी को पियर चौक से गिरफ्तार किया. गिरफ्तार रमेश सहनी की पहचान स्थानीय स्तर पर एक कॉमेडी एक्टर के रूप में भी होती है. शुक्रवार को कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायाधीश के आदेश पर उसे सीधे जेल भेज दिया गया.

इस हिंसक झड़प को लेकर तत्कालीन पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत के लिखित बयान पर पियर थाने में 50 नामजद और करीब 200 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इन सभी पर पुलिस की गाड़ी तोड़ने, सरकारी हथियार छीनने का प्रयास करने, ऑन-ड्यूटी सरकारी कार्य में बाधा डालने और महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों को बेरहमी से पीटने का संगीन आरोप है.


डीजे विवाद से शुरू होकर थानेदार को बंधक बनाने तक की पूरी टाइमलाइन

6 फरवरी को बंदरा के बड़गांव चौक पर भड़की इस हिंसा की इनसाइड स्टोरी बेहद चौंकाने वाली है. इस पूरे घटनाक्रम को नीचे दी गई तालिका के जरिए आसानी से समझा जा सकता है:

घटना की तारीख और स्थानविवाद की मुख्य वजहहिंसक झड़प में हुआ नुकसान और घायलप्रशासनिक और राजनीतिक असर
6 फरवरी, बड़गांव चौक (बंदरा)पियर थाने की गश्ती गाड़ी द्वारा एक डीजे वाहन को रोककर पूछताछ करने पर पुलिस और युवकों में तीखी बहस हुई.तत्कालीन थानाध्यक्ष रजनीकांत, एक एएसआई समेत 7 पुलिसकर्मी और बीच-बचाव करने आए बड़गांव के सरपंच लालबाबू सहनी गंभीर रूप से जख्मी हुए.उग्र ग्रामीणों ने पुलिसिया कार्रवाई से नाराज होकर थानेदार को बंधक बना लिया था. बाद में बढ़ते राजनीतिक दबाव के कारण थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया था.

क्या था पूरा मामला और क्यों बढ़ा बवाल?

पियर थाने की गश्ती गाड़ी ने जब बड़गांव चौक पर एक डीजे गाड़ी को रोककर पूछताछ शुरू की, तो वहां मौजूद युवकों और पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. घटना में बीच-बचाव करने आए बड़गांव के सरपंच लालबाबू सहनी समेत कई अन्य ग्रामीण भी चोटिल हो गए. पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीण इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने तत्कालीन थानेदार को ही बंधक बना लिया और बड़गांव चौक पर चक्का जाम कर दिया.

वरिष्ट अधिकारियों की पहल पर छूटे थे थानेदार: घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस के वरीय पदाधिकारियों ने काफी मशक्कत की. उनके हस्तक्षेप और समझाने-बुझाने के बाद ही उग्र ग्रामीणों ने थानेदार को मुक्त किया और सड़क जाम समाप्त कराया. इस मामले में राजनीतिक विरोध इतना बढ़ गया था कि तत्कालीन थानाध्यक्ष रजनीकांत को निलंबन का सामना करना पड़ा था. वर्तमान में पुलिस बाकी बचे फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.

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Aaruni Thakur

लेखक के बारे में

By Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

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