Bihar News: मुजफ्फरपुर में दीदी की नर्सरी से आत्मनिर्भर हो रही महिलाएं, हर महीने 12 लाख की आमदनी

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 12 Jan 2025 8:56 PM

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Muzaffarpur News

Bihar News: मुजफ्फरपुर में दीदी की नर्सरी से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है. हर महीने 12 लाख की आमदनी हो रही है.

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Bihar News: मुजफ्फरपुर में महिलाएं अब दीदी की नर्सरी चला कर आत्मनिर्भर हो रही हैं. जिले के 16 प्रखंड में 48 महिलाओं ने दीदी की नर्सरी की शुरुआत की थी. जीविका से जुड़ी 48 महिलाएं हर महीने 12 लाख की आमदनी कर रही हैं. एक महिला को प्रति महीने 25 हजार की आय हो रही है. नर्सरी चलाने वाली महिलाएं पौधों के अलावा बीज भी तैयार कर रही हैं. मुशहरी के जमालाबाद पंचायत की बिंदु देवी व कुढ़नी प्रखंड की शांति देवी ने कहा कि दीदी की नर्सरी की शुरुआत के लिए जीविका की ओर से 50 हजार का ऋण मिला था. उससे नर्सरी की शुरुआत की. एक साल में ही अच्छा टर्नओवर मिलने लगा. करीब दस कट्ठा में मोहगनी, आंवला, जामुन, कटहल, सागवान, अर्जुन और आम के पौधे लगाते हैं. तीन फुट का पौधा होने पर उसकी बिक्री की जाती है. मुरौल के मणिकपुर इटहा निवासी बबीता राय ने बताया कि जीविका की ओर से नर्सरी की शुरुआत के लिए वन विभाग ने 50 हजार ऋण दिया था. उससे नर्सरी की शुरुआत की. अब इससे अच्छी आय हो रही है.

वन विभाग और मनरेगा के लिए हो रही खरीदारी

दीदी की नर्सरी से वन विभाग और मनरेगा के लिए विभिन्न प्रकार के पौधे की खरीदारी हो रही है. इसके अलावा किसान भी यहां से पौधे की खरीद कर रहे हैं. इससे महिलाओं की आय लगातार बढ़ रही है. जीविका की ओर से लगातार इसका विस्तार किया जा रहा है. जिन महिलाओं के पास गांव में आठ-दस कट्ठा जमीन है, उन्हें प्रशिक्षित कर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है और उनके पौधों की खरीदारी की भी व्यवस्था की जा रही है. इससे जीविका दीदियों का उत्साह बढ़ा है और वह दीदी की नर्सरी से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं.

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पिछले दिनों वन विभाग ने भी नर्सरी केलिए सरैया की आभा कुमारी और कनक लता को एक लाख 30 हजार 545 रुपए का चेक दिया था. डीपीएम अनीशा ने कहा कि दीदी की नर्सरी से जीविका दीदियों को काफी फायदा हो रहा है. हमलोग इच्छुक महिलाओं को नर्सरी चलाने का प्रशिक्षण दिला रहे हैं और उन्हें नर्सरी की शुरुआत के लिए ऋण भी उपलब्ध करा रहे हैं. इससे महिलाओं को काफी फायदा हो रहा है. इस वर्ष प्रत्येक प्रखंड में दीदी की नर्सरी की संख्या बढ़ायी जाएगी.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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