Bihar Crime: खुशी अपहरण कांड में सीबीआइ का शक इस शख्स पर गहराया, बेल होगी कैंसिल

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 12 Aug 2025 8:16 PM

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Bihar Crime: मुजफ्फरपुर की चर्चित खुशी अपहरण कांड की जांच तेज हो गई है. सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन की अगुवाई में टीम ने केस की समीक्षा की और संदिग्धों से पूछताछ की रणनीति बनाई. खुशी के पिता से दो घंटे बातचीत कर जांच की प्रगति और आगे की कार्रवाई पर भरोसा दिलाया गया.

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Bihar Crime: मुजफ्फरपुर शहर की चर्चित खुशी अपहरण कांड की जांच कर रही सीबीआइ के ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन के नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम सोमवार की देर शाम शहर पहुंची. सर्किट हाउस में ज्वाइंट डायरेक्टर ने केस के आइओ के साथ अब तक की अनुसंधान की समीक्षा किया. इस दौरान अपहरण कांड में जो भी संदिग्ध सीबीआइ के अनुसंधान में सामने आए हैं, उनसे पूछताछ करने की रणनीति तैयार की गयी.

खुशी के पिता को सीबीआई ने बुलाया

खुशी के पिता राजन शाह को सीबीआइ ने मंगलवार की सुबह सर्किट हाउस बुलाया, इस दौरान ज्वाइंट डायरेक्टर ने दो घंटे तक उससे बातचीत कर उसको आश्वस्त किया कि सीबीआइ की जांच सही दिशा में चल रही है. कुछ संदिग्धों को चिन्हित किया गया है, जिसका इस केस से जुड़ाव हो सकता है. आगे की जांच की जा रही है. खुशी अपहरण कांड में जेल से जमानत पर बाहर निकले अमन से सीबीआइ की टीम पूछताछ करना चाह रही है, उसकी तलाश में सीबीआइ के अधिकारी मुंबई तक पहुंचे हैं. लेकिन, वहां से अमन फरार हो गया. इस वजह से सीबीआइ का उसपर शक गहरा गया है.

संभावना यह जतायी जा रही है कि सीबीआइ उसका बेल कैंसिल कराकर फिर से उसकी गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई कर सकती है. इसके अलावा राजन साह ने एक बार फिर से सीबीआइ के ज्वाइंट डायरेक्टर के सामने नौ संदिग्धों के नाम बताये, जिनका उसकी बेटी के गायब होने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका हो सकती है. उसने सीबीआइ के अधिकारी से सभी संदिग्धों की ब्रेन मैपिंग कराने की मांग की है.

राजन शाह से मुलाकात करने के बाद सीबीआइ के ज्वाइंट डायरेक्टर पटना वापस लौट गए हैं. केस के आइओ लगातार शहर में कैंप करके आगे की अनुसंधान करेंगे. हालांकि, सीबीआइ के ज्वाइंट डायरेक्टर ने राजन साह से क्या- क्या पूछताछ की है इसकी सीबीआइ की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है.

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जानें मामला

ब्रह्मपुरा थाना के पमरिया टोला निवासी राजन साह की पांच वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी 16 फरवरी 2021 को लक्ष्मी चौक स्थित सरस्वती पूजा पंडाल से अपहरण कर लिया गया था. मामले में उसके पिता राजन साह ने ब्रह्मपुरा थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. ब्रह्मपुरा पुलिस पहले जांच को गंभीरता से नहीं लिया. जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो पुलिस एक्टिव हुई. चार जिलों में जाकर छानबीन की.

इसके बाद एक आरोपी अमन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया . बाद में सेंट्रल जेल में बंद आरोपित अमन व संदिग्ध राहुल का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया. लेकिन, कुछ सुराग नहीं मिला तो मामला सीबीआइ को सौंप दिया गया. सीबीआइ ने राजन साह का भी बाद में पॉलीग्राफी टेस्ट कराया था. लेकिन, सीबीआइ को कोई ठोस सुराग हासिल नहीं हुआ था. इस बीच केस के आइओ भी बदल गए.

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Paritosh Shahi

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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