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ग्रेटर मुजफ्फरपुर में खींची जाएगी विकास की रेखा, इन गांवों का होगा शहरीकरण, GIS सर्वे शुरू

Updated at : 18 Apr 2024 6:54 AM (IST)
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Bihar News

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17 मई 2017 को मुजफ्फरपुर योजना क्षेत्र को बिहार कैबिनेट से मंजूरी मिली थी. अगले 20 साल यानी 2045 तक की संभावित आबादी को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर मुजफ्फरपुर का मास्टर प्लान बनाया जाना है.

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देवेश कुमार, मुजफ्फरपुर.

मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र यानी ग्रेटर मुजफ्फरपुर (Greater Muzaffarpur) में शामिल शहर से सटे 216 गांवों के शहरीकरण को लेकर जीआईएस (भौगोलिक सूचना तंत्र) सर्वे शुरू हो गयी है. नगर विकास एवं आवास विभाग से चयनित एजेंसी सैटेलाइट सर्वे कर इसकी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है. सर्वे के दौरान सबसे ज्यादा फोकस आयोजना क्षेत्र में शामिल गांवों की विकास को लेकर है. शहर से सटे होने के कारण इन इलाके में भी शहरीकरण दिखे. शहर की तरह ही सुविधाएं (स्कूल, कॉलेज, अस्पताल से लेकर मॉल व बाजार तक) लोगों को मिले. इन सभी बिंदुओं पर फोकस करते हुए एजेंसी काम कर रही है.

अगले 20 साल यानी 2045 तक की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र का मास्टर प्लान तैयार किया जायेगा. सर्वे के दौरान घनी आबादी वाले मोहल्ले व खाली जमीन पर एजेंसी का ज्यादा फोकस है. ताकि, भविष्य में जरूरत के अनुसार, खाली जमीन का उपयोग पब्लिक को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर किया जा सके. इससे भविष्य में शहर का सुनियोजित विकास करने में सरकार को मदद मिलेगी. बता दें कि मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र के प्रस्ताव की मंजूरी पहली बार 17 मई 2017 को राज्य कैबिनेट से मिली थी.

सितंबर से प्लानिंग एरिया में नक्शा पास करने की जिम्मेदारी मिली निगम को

मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 218.63 वर्ग किलोमीटर है. इसमें मुजफ्फरपुर नगर निगम से सटे जिले के छह प्रखंड के कुल 216 राजस्व गांव को शामिल किया गया है. इन गांवों में बनने वाले भवनों की नक्शा स्वीकृत पहले एसडीओ पूर्वी के ऑफिस से हो रहा था. लेकिन, बीते अगस्त-सितंबर महीने में सरकार ने इसकी जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी है. आयोजना क्षेत्र के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नगर आयुक्त बनाए गए हैं. तब से अब तक आयोजना क्षेत्र में शामिल 216 गांवों का नक्शा शहर की तरह नगर निगम ऑफिस से ही स्वीकृत हो रहा है.

प्रखंडों के ये गांव है शामिल

  • मुशहरी : 115 राजस्व ग्राम
  • कांटी : 43 राजस्व ग्राम
  • मड़वन : 23 राजस्व ग्राम
  • कुढ़नी : 18 राजस्व ग्राम
  • बोचहां : 10 राजस्व ग्राम
  • मीनापुर : 07 राजस्व ग्राम

ड्राफ्टमैन से लेकर अमीन तक सरकार ने कर रखी है तैनाती

मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार काफी एक्टिव दिख रही है. मुजफ्फरपुर नगर निगम को आयोजना क्षेत्र में बनने वाले भवनों की नक्शा स्वीकृति करने सहित विकास की जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही सरकार ने अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर दी है. इसमें ड्राफ्टमैन, जीआईएस एक्सपर्ट, अमीन के अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर ऑफिस सहायक तक की तैनाती की गयी है.

तेजी से चल रहा सर्वे का काम

मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र में सर्वे का काम तेजी से चल रहा है. जीआईएस सर्वे के लिए सरकार से एजेंसी चयनित हुई है. अलग-अलग विभागों से भी डाटा कलेक्ट किया गया है. अभी कई स्तर पर सर्वे का काम चलना है. इसके बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया जायेगा.

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Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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