मुजफ्फरपुर : ठंड में एसकेएमसीएच में मरीजों को नहीं मिल रहे कंबल, परेशानी
Updated at : 17 Jan 2019 6:55 AM (IST)
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मृत्युंजय, मुजफ्फरपुर : रात के आठ बजे थे. मंगलवार को एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में मरीज और परिजन सोने की तैयारी में थे. कई मरीज अपने कंबलों को शरीर पर लपेटने में जुटे थे. लेकिन ठंड में अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें कंबल नहीं दिया है. मरीज भर्ती होने के साथ अपने कंबल भी घर से […]
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मृत्युंजय, मुजफ्फरपुर :
रात के आठ बजे थे. मंगलवार को एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में मरीज और परिजन सोने की तैयारी में थे. कई मरीज अपने कंबलों को शरीर पर लपेटने में जुटे थे. लेकिन ठंड में अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें कंबल नहीं दिया है. मरीज भर्ती होने के साथ अपने कंबल भी घर से लेकर आये थे. हालांकि अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि मरीज खुद ही कंबल नहीं लेते हैं.
एसकेएमसीएच की इमरजेंसी में 100 मरीजों का इलाज चलता है. वहां सिर्फ 25 बेड ही है. बाकी मरीज नीचे सोते हैं. इसके अलावा जनरल वार्डों में 620 बेड हैं लेकिन यहां करीब 800 मरीजों का इलाज चलता है. अस्पताल प्रबंधन को सभी मरीजों को चादर देना है.
जिन्हें चादर मिलीं वह भी परेशान
एसकेएमसीएच में जिन मरीजों को चादर मिली वह भी परेशान हैं. उनका कहना है कि चादर इतने पतले हैं कि उससे ठंड नहीं जाती है. घर से दूसरा कंबल लाना ही पड़ता है. मोतीपुर से आई सुखिया देवी ने बताया कि उन्हें अस्पताल से लाल रंग की एक चादर मिली है लेकिन इससे उनके बेटे की ठंड नहीं जा रही है.
क्या कहते हैं मरीज
पेशाब में संक्रमण के कारण इमरजेंसी में भर्ती हैं. भर्ती होने के बाद अस्पताल से चादर या कंबल नहीं मिली. अपने घर से कंबल का इंतजाम करके लाये हैं.
विलास सहनी, मरीज
बेचैनी के बाद घर से भर्ती कराया गया है. मांगने के बाद भी अस्पताल से कंबल नहीं मिला है. घर से फोन कर कंबल मंगवाया है.
प्रेमा देवी, परिजन
लीवर की खराबी के कारण तीन दिन से मेडिसिन वार्ड में भर्ती हैं. तीन दिन से एक बार भी कंबल के लिए नहीं पूछा गया है. घर से ही कंबल मंगाकर काम चला रहे हैं.
नवल राय, मरीज
अधीक्षक बोले
सभी मरीजों को कंबल दिया जाता है. मरीज ही खुद कंबल लेने में आनाकानी करते हैं. जहां तक खिड़कियों के टूटने की बात है पीडब्ल्यूडी को इसके लिए लिख दिया गया है.
डाॅ सुनील शाही, अधीक्षक एसकेएमसीएच
टूटी खिड़कियों को चादरों से ढंका गया
एसकेएमसीएच के मेडिसिन वार्ड में खिड़कियां टूट गयी हैं. कई जगह पर उसे चादर से ढकने की कोशिश की गयी, लेकिन उससे हवा लगातार मरीजों को लग रही है. मरीजों का कहना है कि इससे लगातार हवा आती रहती है. मेडिसिन वार्ड में भर्ती निरंजन महतो ने बताया कि उसे टीवी की बीमारी है.
नौ दिन से भर्ती है. उसके बिस्तर के सामने ही खिड़की टूट गई है उससे रात भर ठंडी हवा आती है. उसने बताया कि नौ दिन से भर्ती है लेकिन अस्पताल से कंबल नहीं दिया गया है.
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