चिकित्सीय उपकरणों के बिना ही चल रहे एंबुलेंस
Updated at : 04 Oct 2018 6:10 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर : मरीज व घायलों को संजीवनी यानी समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मंशा से सरकार 108, 102 व 1099 एंबुलेंस का संचालन कर रही है, लेकिन इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि इन एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर,फस्ट-एड बाॅक्स, आवश्यक दवाइयां ही उपलब्ध नहीं हैं. एंबुलेंस प्रबंधन की लापरवाही मरीजों व घायलों […]
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मुजफ्फरपुर : मरीज व घायलों को संजीवनी यानी समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मंशा से सरकार 108, 102 व 1099 एंबुलेंस का संचालन कर रही है, लेकिन इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि इन एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर,फस्ट-एड बाॅक्स, आवश्यक दवाइयां ही उपलब्ध नहीं हैं. एंबुलेंस प्रबंधन की लापरवाही मरीजों व घायलों की जान से खिलवाड़ कर रही है.
इसकी मुख्य वजह जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करना तथा निर्धारित मापदंडों का परीक्षण नहीं करना बताया जा रहा है. इसका खुलासा उस समय हुआ जब एंबुलेंस चालक व कर्मियों ने सिविल सर्जन डॉ शिवचंद्र भगत को इसकीलिखित जानकारी दी.
उन्होंने सीएस को लिखे पत्र में कहा है कि विगत कई महीनों से जिले की एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं लगे हैं, जबकि जिला स्वास्थ्य
समिति की ओर से ठेकेदार को पूरा भुगतान भी किया जा रहा है. लेकिन, स्वास्थ्य अधिकारियों व ठेकेदार की सांठगांठ के चलते लगातार एंबुलेंस कंपनी लापरवाही बरत रही है.
प्रबंधक देते हैं फिटनेस प्रमाणपत्र
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ठेका पद्धति पर संचालित इमरजेंसी एंबुलेंस को चलाने से पूर्व चिकित्सा अधिकारी से जांच करायी जाती है. इसमें अस्पताल शासन से निर्धारित मापदंड पूरे होने पर ही एंबुलेंस को फिटनेस का प्रमाण-पत्र दिया जाता है. एनएचएम की गाइडलाइन के अनुसार एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर, फस्ट-एड बाक्स, आवश्यक दवाइयां सहित वाहन का रजिस्ट्रेशन, लॉगबुक, चालक का लाइसेंस, यूनिफाॅर्म आदि का उपलब्ध होना जरूरी है.
इसके बाद ही प्रमाण-पत्र दिया जाता है. इतना ही नहीं यदि कोई गाड़ी खराब होती है, तो ठेका कंपनी को वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी होती है. इमरजेंसी एंबुलेंस के लिए वेंडर ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराते हैं, लेकिन वेंडर ने समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया, इसलिए बिना ऑक्सीजन के एंबुलेंस चलायी जा रही है.
हालांकि, अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार कहते हैं कि गाड़ी चलने लायक है या नहीं, इसका प्रमाण पत्र एमबीआई देते हैं. लेकिन, एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर, फस्ट-एड बाॅक्स, आवश्यक दवाइयां हैं या नहीं, यह मरीज के भेजने से पहले अस्पताल प्रशासन जांच कर भेजती है. अगर बिना इसके ही एंबुलेंस मरीज को लेकर जाती है, तो इसकी जांच की जायेगी.
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