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मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौनशोषण मामला: सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर की देखरेख में हो जांच: हाईकोर्ट

Updated at : 30 Aug 2018 8:57 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौनशोषण मामला: सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर की देखरेख में हो जांच: हाईकोर्ट

पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले की जांच कर रही सीबीआई की कार्यशैली पर पटना हाईकोर्ट ने नाराजगी जतायी है. कोर्ट ने बुधवार को सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर को स्वयं अपनी देखरेख में मामले की जांच तेजी से कराने का निर्देश दिया. साथ ही कोर्ट ने उन्हें इस बात की छूट भी दी है कि […]

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पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले की जांच कर रही सीबीआई की कार्यशैली पर पटना हाईकोर्ट ने नाराजगी जतायी है. कोर्ट ने बुधवार को सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर को स्वयं अपनी देखरेख में मामले की जांच तेजी से कराने का निर्देश दिया. साथ ही कोर्ट ने उन्हें इस बात की छूट भी दी है कि वे चाहें तो जांच के लिए एसआईटी का गठन कर सकते हैं. मुख्य न्यायाधीश मुकेश आर शाह व न्यायाधीश डॉ रवि रंजन की खंडपीठ ने तीन लोकहित याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.
अदालत ने जांच के दौरान सीबीआई के एसपी जेपी मिश्रा के अचानक तबादले को लेकर सीबीआई द्वारा स्पष्ट जबाब नहीं देने पर भी नाराजगी जतायी और मामले की जांच की पूरी जिम्मेदारी स्पेशल डायरेक्टर को सौंप दी. सीबीआई के डीआईजी द्वारा सौंपी गयी आधी-अधूरी जांच रिपोर्ट को भी कोर्ट ने संतोषजनक नहीं माना.
साथ ही स्पेशल डायरेक्टर को निर्देश दिया कि वे सुनवाई की अगली तारीख 17 सितंबर को अदालती आदेश का पालन करते हुए जांच की प्रगति का अद्यतन रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दें .
राज्य सरकार को दिया निर्देश. कोर्ट ने राज्य के महाधिवक्ता ललित किशोर को कहा कि वे अगली तारीख पर इस बात की जानकारी दें कि इस राज्य में कुल कितने शेल्टर होम हैं. इनमें कितने शेल्टर होम का संचालन राज्य सरकार करती है और कितने का एनजीओ. कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम को अनुदान देने की प्रक्रिया क्या है और इसके ऑडिट की क्या व्यवस्था है.
अधिवक्ता प्राकृतिका शर्मा एमिकस क्यूरी नियुक्त. कोर्ट ने हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ता प्राकृतिका शर्मा को इस मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त करते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह जाकर पीड़िताओं से मिले और उनसे जानकारी प्राप्त कर अगली तारीख पर कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौपे. इसके लिए कोर्ट ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार को हर प्रकार की सुविधा प्राकृतिका शर्मा को उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि पीड़िताओं से मिलने में उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो.
मुजफ्फरपुर : बालिका गृह का मामला पॉक्सो एक्ट में चलाने का अनुरोध
मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड में सीबीआई की ओर से बुधवार को विशेष कोर्ट में एक अर्जी डाली गयी है.केस की आईओ विभा कुमारी ने आवेदन देकर विशेष अदालत से केस को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर करने का निवेदन किया है. हालांकि कोर्ट ने अर्जी पर अपना फैसला नहीं सुनाया है. केस की आईओ ने अर्जी में कई पत्रों का भी हवाला दिया है.
बता दें कि कि 29 जुलाई को सीबीआई ने मामले में एफआईआर कर विशेष सीबीआई कोर्ट को कॉपी सौंपी थी. जिला पुलिस की ओर से दर्ज मामले में पहले से विशेष पॉक्सो कोर्ट में केस चल रहा है. अब तक जिला पुलिस ने इस मामले में ब्रजेश ठाकुर, सीडब्लूसी सदस्य विकास कुमार, निलंबित सीपीओ रवि रौशन समेत 10 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है.हालांकि अभी तक सीडब्लूसी अध्यक्ष दिलीप वर्मा व मधु की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है.
बालिका गृह पहुंची सीबीआई
सीबीआई के नये एसपी देवेंद्र सिंह के ज्वाइन करने के बाद बुधवार को एक टीम बालिका गृह पहुंची. छह सदस्यीय टीम की मौजूदगी में मजिस्ट्रेट शीला रानी गुप्ता ने सील बंद बालिका गृह के कमरों का ताला खोला. पांच घंटे तक छानबीन करने के बाद सीबीआई टीम वहां से लौट गयी.
एफएसएल को जांच कर तुरंत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी को निर्देश दिया कि सीबीआई जो भी सामग्री फोरेंसिक जांच के लिए उसके पास भेजेगी, वह उसकी जांच कर तुरंत सीबीआई को जांच रिपोर्ट सौंप देगी.
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