बिहार: सीमांचल में एक मुस्लिम की अंतिम इच्छा- हनुमान मंदिर जरुर बने, बेटों ने दान कर दी अपनी जमीन

Updated at : 07 Apr 2023 6:56 AM (IST)
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बिहार: सीमांचल में एक मुस्लिम की अंतिम इच्छा- हनुमान मंदिर जरुर बने, बेटों ने दान कर दी अपनी जमीन

Bihar: मुस्लिम बहुल किशनगंज में हनुमान जयंती के दिन गंगा-जमुनी तहजीब का अद्भुत नजारा देखने को मिला जहां अपने पिता की आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए दो मुस्लिम भाइयों ने अपनी जमीन मंदिर के लिए दान कर दी और मंदिर का शिलान्यास संपन्न कराया.

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Bihar: मुस्लिम बहुल किशनगंज में हनुमान जयंती के दिन एक ऐसे हनुमान मंदिर की आधारशिला रखी गयी और भूमि पूजन हुआ जिसकी जमीन मुस्लिम परिवार ने दान में दी है. गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए शहर के रुईधासा मोहल्ले में वाजपेयी नगर में मुस्लिम परिवार ने मंदिर के लिए एक कट्टा जमीन दान में दिया है.

अंतिम इच्छा बताकर अब्बा ने तोड़ा था दम..

दरअसल दान देने वाले मुस्लिम युवा फैज और फजल अहमद के पिता जेड अहमद ने उस कॉलोनी की सारी जमीन प्लॉटिंग कर बेची थी और खरीदने वाले सब हिंदू परिवार के लोग थे. उस दौरान स्थानीय लोगों के आग्रह पर उन्होंने मंदिर के लिए एक कट्टा जमीन देने की बात कहीं थी. जेड अहमद का करीब एक साल पहले निधन हो गया, लेकिन वो अपने बेटों को अपनी अंतिम इच्छा बता कर गए थे.

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बेटों ने दान कर दी अपनी जमीन

मोहल्ले वाले जब मंदिर की जमीन के लिए उनके बेटों के पास पहुंचे तो उनके दोनों बेटों ने अपने पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए मंदिर के लिए जमीन देने के लिए हामी कर दी. इसके बाद गुरुवार को हनुमान जयंती के दिन पूरे विधि विधान के साथ मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी गयी और उनके दोनों बेटे इसमें शामिल भी हुए.

मुस्लिम भाइयों ने कहा..

श्रीहनुमान जन्मोत्सव के पावन मौके पर विधिवत रूप से फैज अहमद और फजल अहमद द्वारा दान पत्र पर हस्ताक्षर किया गया और स्थानीय लोगों ने वैदिक मंत्रोचारण के साथ मंदिर निर्माण की आधार शिला रखी. जमीन दानदाता फैज अहमद ने बताया कि अब्बा की आखरी इच्छा थी कि वहां रहने वाले हिंदू भाईयों के लिए मंदिर की जमीन दान दे दी जाए इसलिए अपने पिता की आखरी इच्छा का सम्मान करते हुए दान दे दी.

कॉलोनी में एक भी मंदिर नहीं था- बोले फैजान

वहीं फैजान अहमद ने कहा कि सभी को एक दूसरे की जरूरत पड़ती है और मिल जुल कर रहने की आवश्यकता है. इस कॉलोनी में एक भी मंदिर नहीं था और अब मंदिर निर्माण होने से सभी लोगों को इसका फायदा होगा. वही मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने दोनों भाईयो की भूरि-भूरि प्रशंसा की और दोनों भाईयो का आभार जताया है.

मंदिर का शिलान्यास हुआ

लोगों ने कहा कि किशनगंज हमेशा से गंगा- जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते आया है और लोग मिलजुलकर रहते है. उन्होंने विधिवत एक कट्टा जमीन दान दिया और आज मंदिर का शिलान्यास हुआ जिससे सभी काफी खुश है.

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