ePaper

विधान सभा चुनाव की घोषणा के साथ ही तेज हुई राजनीतिक सरगर्मी, टिकट लेने की लगी होड़

Updated at : 06 Oct 2025 10:35 PM (IST)
विज्ञापन
विधान सभा चुनाव की घोषणा के साथ ही तेज हुई राजनीतिक सरगर्मी, टिकट लेने की लगी होड़

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है और इसके साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. मुंगेर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है.

विज्ञापन

राणा गौरी शंकर, मुंगेर भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है और इसके साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. मुंगेर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है. वर्तमान में जिले के 2 विधान सभा सीटों पर एनडीए व एक पर महागठबंधन का कब्जा है. इस बार किस विधान सभा से और किस पार्टी से कौन उम्मीदवार होंगे यह दो-चार दिनों में स्पष्ट हो जायेगा, लेकिन सीटिंग विधायक के पुन: उम्मीदवार बनने की पुरी संभावना है. मुंगेर विधान सभा से वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के प्रणव कुमार यादव विधायक बने थे. उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी राजद के अविनाश कुमार विद्यार्थी उर्फ मुकेश यादव को 1244 मतों से पराजित किया था. जाहिर है मुकाबला काफी संघर्षपूर्ण था. इस बार भी इन दोनों के बीच ही संघर्षपूर्ण मुकाबला की संभावना है. वैसे चुनाव में जनसुराज पार्टी की भी इंट्री होने वाली है, लेकिन उम्मीदवार स्पष्ट नहीं है. आधे दर्जन संभावित उम्मीदवार टिकट के रेस में हैं. मुंगेर विधान सभा सीट दो प्रखंड में फैला हुआ है. मुंगेर सदर और बरियारपुर. इसके साथ ही मुंगेर मुख्यालय भी इसी विधान सभा अंतर्गत है. इस विधान सभा सीट पर यूं तो मतदाताओं ने जदयू, राजद व भाजपा सभी को मौका दिया, लेकिन इस बार के चुनाव में मतदाता का मिजाज क्या होगा, यह तो आनेवाले समय में ही स्पष्ट हो पायेगा. मुंगेर जिले का जमालपुर विधान सभा सीट इस बार काफी चर्चा में है. दो दिन पूर्व ही राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जमालपुर आये थे और जिले के कई योजनाओं का एकीकृत शिलान्यास भी किया था. उन्होंने लोगों से चुनाव में समर्थन की भी अपील की थी. इस सीट पर वर्ष 2020 में महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार अजय कुमार सिंह विधायक बने थे. इससे पूर्व लगातार पांच बार इस सीट पर जदयू के शैलेश कुमार विधायक रहे और राज्य सरकार में मंत्री भी रहे, लेकिन पिछले विधान सभा चुनाव में वे कांग्रेस के अजय कुमार सिंह से पराजित हो गये थे. कारण स्पष्ट था कि एक ओर जहां जमालपुर से लोजपा के दुर्गेश कुमार सिंह ने एनडीए के वोट में व्यापक सेंधमारी की थी. वहीं एनडीए के भूमिहार मतदाता अपने स्वजातीय उम्मीदवार अजय कुमार सिंह के पक्ष में वोट डाल दिये थे. फलत: जदयू का किला ध्वस्त हो गया था. इस बार के चुनाव में जदयू से उम्मीदवार कौन होगा, यह अबतक स्पष्ट नहीं हो पाया है. एक ओर जहां शैलेश कुमार प्रबल दावेदार हैं और दो दिनों पूर्व ही जमालपुर के मंच पर नीतीश कुमार ने उनके गले में चादर भी डाल दिया था, लेकिन मुंगेर के सांसद सह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की शैलेश कुमार से नाराजगी उनके टिकट मिलने पर ग्रहण उत्पन्न कर दिया है. शैलेश कुमार द्वारा गत वर्ष लोकसभा चुनाव के दौरान ललन सिंह के पक्ष में खुलकर मतदाता के बीच नहीं जाने से ललन सिंह नाराज हैं और राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि वे जदयू के जिलाध्यक्ष नचिकेता मंडल को जमालपुर से उम्मीदवार बनाना चाहते हैं, अब जबकि 10 अक्तूबर से नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी तो यह स्पष्ट हो जायेगा कि उम्मीदवार कौन होगा. इधर, महागठबंधन में भी जमालपुर सीट को लेकर द्वंद है. कांग्रेस जहां सीटिंग आधार पर इस सीट पर अपनी दावेदारी कर रही है. वहीं राजद की ओर से भी जमालपुर सीट अपने खाते में करने के लिये दबाव बनाया जा रहा है. इसमें कई उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं. इसी प्रकार जनसुराज से भी आधे दर्जन उम्मीदवार चुनावी टिकट के रेस में है. तारापुर विधान सभा मुंगेर जिले का हॉट सीट बन गया है. राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह न सिर्फ गृह क्षेत्र है, बल्कि लंबे समय तक उसके माता-पिता तारापुर विधान सभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे. यूं तो वर्तमान में इस सीट पर जदयू के राजीव कुमार सिंह विधायक हैं. वे 2021 में हुए विधान सभा उपचुनाव में इस सीट से जीतकर पहली बार विधायक बने थे. 2020 के विधान सभा चुनाव में इस सीट पर डॉ मेवालाल चौधरी जदयू के टिकट पर चुनाव जीते थे, लेकिन कोरोना में उनके निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गया था. उपचुनाव में राजीव सिंह का मुकाबला राजद के अरूण कुमार साह से हुआ था और माना जा रहा है कि इस बार भी मुकाबला आमने-सामने की होगी. वैसे सीट शेयरिंग में भाजपा भी इस सीट पर अपनी दावेदारी कर रही है तो दूसरी ओर एक वरीय पुलिस पदाधिकारी भी एनडीए के टिकट पर चुनाव की तैयारी कर रहे थे. टिकट किन्हें मिलेगा. यह एक सप्ताह में स्पष्ट हो जायेगा. राजद की ओर से भी कई उम्मीदवार टिकट के रेस मेें हैं. 2020 के चुनाव में राजद के वरीय नेता जयप्रकाश यादव की पुत्री राजद प्रत्याशी के रूप में मैदान में थी. दूसरी ओर कांग्रेस से राजेश कुमार मिश्रा टिकट के दौर में शामिल हैं. जनसुराज से भी भाजपा के पूर्व युवा अध्यक्ष रहे वीर कुंवर सिंह टिकट की रेस में हैं. अब जबकि चुनाव की घोषणा हो चुकी है और नामांकन की प्रक्रिया 3 दिन बाद ही 10 अक्तूबर से प्रारंभ होने वाला है तो सभी पार्टियों को शीघ्र ही प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करनी पड़ेगी, क्योंकि जितना विलंब होगा, परेशानी उतनी ही बढ़ेगी. बहरहाल, मुंगेर जिले के तीनों विधान सभा सीट पर जहां एक ओर एनडीए जीत सुनिश्चित करने के लिये रणनीति बनायी है. वहीं दूसरी ओर महागठबंधन भी पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RANA GAURI SHAN

लेखक के बारे में

By RANA GAURI SHAN

RANA GAURI SHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन