जुगाड़ वाहनों के परिचालन पर रोक का आदेश, उगल रहा जहर, जोखिम में जान

Published by : RANA GAURI SHAN Updated At : 11 Jan 2026 7:37 PM

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद आज भी शहर से लेकर ग्रामीण सड़कों पर भारी संख्या में अवैध जुगाड़ वाहन का परिचालन हो रहा है.

विज्ञापन

परिवहन मंत्री ने डीटीओ को जुगाड़ वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का दिया आदेशमुंगेर. सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद आज भी शहर से लेकर ग्रामीण सड़कों पर भारी संख्या में अवैध जुगाड़ वाहन का परिचालन हो रहा है. जुगाड़ वाहनों पर यात्रियों व सामान की ढ़ुलाई की जा रही है, जबकि इससे निकलने वाला जहरीला धुआं वातावरण को प्रदूषित कर रहा है. हालांकि, अब परिवहन मंत्री ने डीटीओ को अभियान चलाकर जुगाड़ वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया है. मंत्री का यह आदेश कितना कारगर साबित होगा, यह अभियान पर ही निर्भर करता है.

सड़कों पर जहर उगल रहा जुगाड़ वाहन

जिले भर में चार हजार से अधिक जुगाड़ वाहन सड़कों पर बेरोक-टोक फर्राटे भर रहे. जो सड़कों पर जहर उगल रहा है. जो मुंगेर के वायु को प्रदूषित कर रही है. जुगाड़ वाहनों के धुएं से निकलने वाली कार्बनडाई ऑक्साइड, सल्फरडाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी घातक गैस व लैरोसेल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कणों की मात्रा हवा को खतरनाक स्तर के आंकड़े पर ले जा रही है. एक अनुमानित आंकड़े के तहत हर महीने दमा, सांस की बीमारी, यक्ष्मा सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित करीब 2 हजार रोगी जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. चिकित्सकों की माने तो वायु प्रदूषण से लोगों को आमतौर पर सांस की बीमारी होती है. इसमें फेफड़ों में सूजन व दर्द की समस्या होती है. अस्थमा रोगियों के लिए वायु प्रदूषण बहुत खतरनाक होता है.

खतरनाक ढंग से ढोये जाते हैं सामान व सवारी

जुगाड़ वाहनों पर जहां मजे से सामान को ढोया जा रहा है. वहीं यात्रियों को भी ढोने में परहेज नहीं किया जा रहा है. ऐसी जुगाड़ गाड़ियों पर सब्जी, सीमेंट, खाद्यान्न, भुसा, पुआल सहित लोहे की छड़, सरिया, पाइप व बांस जैसी नुकीली चीजें भी ढोते देखा जाता है़. भीड़-भाड़ वाले इलाके में यह ओवरलोड जुगाड़ वाहन तेज रफ्तार से भागती नजर आती है. इससे हमेशा किसी दुर्घटना का भय बना रहता है. यह वाहन सिर्फ स्थानीय सड़क ही नहीं, बल्कि एनएच और एसएच पर भी दौड़ लगा रही है और दुर्घटना का शिकार भी हो रही है. इस पर जान जोखिम में डाल कर आज भी यात्रा कर रहे है.

परिवहन मंत्री का डीटीओ को फरमान, करें कार्रवाई

परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए डीटीओ को जुगाड़ वाहन के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है. साथ ही राष्ट्रीय व राजमार्ग के साथ ही शहरों की सड़कों पर चलने वाली जुगाड़ गाड़ियों के चालकों के खिलाफ अभियान चला कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई का आदेश दिया. क्योंकि जुगाड़ वाहनों का परिचालन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है.

————————————————–

जुगाड़ गाड़ियों से दुर्घटना पर नहीं मिलती है क्षतिपूर्ति

मुंगेर. जुगाड़ वाहन जोड़-तोड़ करके बनाया गया एक प्रकार का हाइब्रिड वाहन है, जो बिना रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रही है. यहां तक कि इन्हें चलाने वालों के पास ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, बीमा, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाण पत्र तक नहीं होती है. इस वाहन के धक्के से यदि किसी की मौत हो जाये या उस पर सवार यात्री की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाये तो मृतक के परिजनों को इंश्योरेंस क्लेम या सरकार से मिलने वाला क्लेम भी नहीं मिलता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RANA GAURI SHAN

लेखक के बारे में

By RANA GAURI SHAN

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन