जिला विधिक सेवा प्राधिकार मुंगेर की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन मुंगेर जिला विधिक सेवा प्राधिकार मुंगेर की ओर से मंगलवार को एडीआर भवन में महिलाओं का कार्य स्थल पर लैंगिंक उत्पीड़न (रोकथा, निषेध और निवारण) विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन विशेष न्यायाधीश उत्पाद प्रथम रूंपा कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य, यौन उत्पीड़न के रोकथाम के उपाय, शिकायत निवारण की प्रक्रिया के विषय पर जानकारी दी. न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम और समाधान के लिए बनाए गए अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे सभी जागरूक हो. क्योंकि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम में कार्य स्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक व सौहार्दपूर्ण जीवन उनका प्राथमिक आधार है. इसके लिए वे सजग रहे. साथ ही अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें. बताया गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए समिति बनी हुई है. जिसमें वे पीड़ित महिला शिकायत करें. समिति का उद्देश्य मुख्य रूप से यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को काम के माहौल के साथ काम करने के लिए आरामदायक और अनुकूल बनाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यस्थल में यौन उत्पीड़न न हो. इस तरह की कार्यशालाएं जागरूकता फैलाने और यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं कि प्रत्येक महिला अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे. न्यायिक अधिकारियों ने कार्यस्थल को उत्पीड़न-मुक्त रखने में नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों की समान रूप से जिम्मेदारियों को रेखांकित किया. साथ ही यौन उत्पीड़न की परिभाषा, पीड़ितों के लिए उपलब्ध निवारण तंत्र और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया सहित कानून के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गयी. मौके पर महिला अधिवक्ता, पारा विधिक, विधिक स्वयं सेवक सहित अन्य मौजूद थी
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