नहीं सुधर रही व्यवस्था

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Apr 2016 1:25 AM

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सदर अस्पताल. नौ बजे तक नेत्र व हड्डी विभाग में नहीं थे चिकित्सक मुंगेर : सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी व्यवस्था को सुधारने में कामयाब नहीं हो रहे. न तो चिकित्सक समय पर ड्यूटी आते हैं और न ही समय पर जाते हैं. पिछले दिनों सिविल […]

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सदर अस्पताल. नौ बजे तक नेत्र व हड्डी विभाग में नहीं थे चिकित्सक

मुंगेर : सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी व्यवस्था को सुधारने में कामयाब नहीं हो रहे. न तो चिकित्सक समय पर ड्यूटी आते हैं और न ही समय पर जाते हैं. पिछले दिनों सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ ने अस्पताल के ओपीडी का निरीक्षण कर यह हिदायत दिया था कि सभी अपने ड्यूटी पर मुस्तैद रहें. लेकिन मंगलवार को एक बार फिर बदहाली साफ दिखी. नेत्र एवं हड्डी विभाग के चिकित्सक 9 बजे तक ओपीडी में नहीं पहुंचे थे.
जबकि जीओपीडी एक ही चिकित्सक के भरोसे चल रहा था. सदर अस्पताल में ओपीडी के चिकित्सक अपने लेट लतीफे से बाज नहीं आ ने वाले हैं. उन्हें शायद ऐसा लगता है कि अस्पताल के अधिकारी उन्हें कुछ नहीं कहेंगे. जिसके कारण जिन्हें जब मन होता है वे तब अपनी ड्यूटी पर पहुंचते हैं. वहीं चिकित्सक के इंतजार में मरीजों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
खाली था नेत्र व हड्डी विभाग : सदर अस्पताल का ओपीडी अपने बदहाली के लिए प्रसिद्ध हो चुका है. संविदा चिकित्सक भले ही यहां 30 से 40 मिनट तक विलंब से पहुंचते हैं. लेकिन परमानेंट चिकित्सक तो घंटों विलंब से आते हैं. मंगलवार को प्रात: 9 बजे तक नेत्र विभाग एवं हड्डी विभाग में चिकित्सक नहीं आये थे. जबकि वहां संबंधित रोग से परेशान रोगी इंतजार में थे. हाल यह था कि जो चिकित्सक प्रात: 8 बजे से 08:30 बजे तक अस्पताल पहुंचे वे 11 बजे के बाद ही अपने क्लिनिक की ओर चल दिये. जबकि ओपीडी प्रात: 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होना है.
रोगी रहे परेशान : नेत्र विभाग में चिकित्सक का इंतजार कर रहे धरहरा निवासी यमुना देवी ने बताया कि वह यह सोच कर सबेरे- सबेरे अस्पताल पहुंची की धूप तेज होने से पहले वह अपना घर लौट सके. किंतु यहां तो डॉक्टर साहब ही नहीं है. एक घंटे से उनका इंतजार कर रहे. सफियाबाद निवासी गोरे लाल यादव ने बताया कि वह अपने बच्चे को हड्डी के डॉक्टर से इलाज कराने आये थे. किंतु डॉक्टर साहब का तो कोई अता- पता ही नहीं है. पता नहीं वे कब आयेंगे या नहीं आयेंगे.
सीएस के निरीक्षण का नहीं दिखा असर : शुक्रवार व शनिवार को प्रभात खबर में चिकित्सक द्वारा समय से पहले ही ओपीडी ड्यूटी छोड़ देने की खबर प्रकाशित की गयी थी. जिसको संज्ञान में लेते हुए सिविल सर्जन ने शनिवार को अस्पताल के विभिन्न ओपीडी का निरीक्षण किया था. जिसके दौरान नेत्र विभाग में 9 बजे तक चिकित्सक के नहीं पहुंचने पर स्पष्टीकरण पूछा गया था. किंतु सिविल सर्जन द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण व औचक निरीक्षण से लापरवाह चिकित्सक अब तक नहीं चेते हैं. उनके लेट लतीफे की कार्यशैली अब भी जारी है. जिसका खामियाजा मरीजों को झेलनी पड़ रही है.
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक: अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि चिकित्सकों को बार- बार यह समझाया जाता है कि वे नियमित समय पर ड्यूटी पोस्ट पर पहुंच जायें. उन्होंने कहा कि वे खुद से जा कर ओपीडी का निरीक्षण करेंगे. साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी.
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