बंद अपराधियों को मिल रहा मोबाइल

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मंडल कारा में दर्जनों नक्सली व कुख्यात अपराधी बंद हैं, जो जेल की सुरक्षा में लगातार सेंधमारी कर रहे हैं. यही कारण है कि जेल प्रशासन की मिलीभगत से जेल के अंदर मोबाइल व अन्य आपत्तिजनक सामग्री पहुंच रही है. नतीजतन जेल के चहारदीवारी में बैठे आपराधिक सरगना अपराध को संचालित कर रहे हैं मुंगेर […]

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मंडल कारा में दर्जनों नक्सली व कुख्यात अपराधी बंद हैं, जो जेल की सुरक्षा में लगातार सेंधमारी कर रहे हैं. यही कारण है कि जेल प्रशासन की मिलीभगत से जेल के अंदर मोबाइल व अन्य आपत्तिजनक सामग्री पहुंच रही है. नतीजतन जेल के चहारदीवारी में बैठे आपराधिक सरगना अपराध को संचालित कर रहे हैं

मुंगेर : मंडल कारा में वर्तमान समय में 495 कैदी बंद है. जिसमें 485 पुरुष एवं 10 महिला बंदी शामिल है. इसमें कई ऐसे कुख्यात अपराधी एवं हार्डकोर नक्सली शामिल है जो प्रशासन के लिए सरदर्द बना हुआ है. ये अपराधी व नक्सली किसी भी समय जेल में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है.
लगातार बरामद हो रहा मोबाइल. 6 फरवरी को पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा जेल में छापेमारी की गयी. जहां से दो मोबाइल बरामद हुआ. जबकि इससे पूर्व जब भी छापेमारी हुई. उसमें दर्जनों की संख्या में मोबाइल बरामद किया गया. जो यह साबित करता है कि जेल से ही अपराधी बाहर अपने गुर्गो के माध्यम से अपराध को संचालित करता रहा है.
जेल प्रशासन की मिली भगत से पहुंच रहा मोबाइल . जेल प्रशासन की मिलीभगत से जेल में बंद अपराधियों के पास मोबाइल पहुंच रहा है. पूर्व में एक बिहार पुलिस का जवान भी मोबाइल अपराधी को पहुंचाने के क्रम में गिरफ्तार किया गया. जिससे सह साबित हो रहा है कि पैसे के बल पर अपराधी अपने गुर्गे के माध्यम से जेल की सुरक्षा में लगे सिपाही को रिश्वत देकर जेल के अंदर बंद अपने आका के पास मोबाइल पहुंचा देता है. जिसे रोकने में जेल प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रही.
जेल की सुरक्षा में सेंधमारी . जेल में सेंधमारी को जेल प्रशासन रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. यहां ” घर का भेदी लंका दाहे ” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. क्योंकि सुरक्षा में लगे जवान ही जब मोबाइल पहुंचाने लगे तो अधिकारी क्या कर सकता है. सुरक्षा जवानों की मिली भगत से अपराधी लगातार जेल की सुरक्षा में सेंधमारी कर रहे हैं.
जेल में बंद है दुर्दांत अपराधी व नक्सली . जेल में एक ओर जहां कुख्यात अपराधी प्रशांत मिश्रा, उत्तम मिश्रा, पवन मंडल, अमित मंडल, पातो मंडल, गौतम मंडल, सुरजा उर्फ झरकहवा बंद है. वहीं कई मास्टर माइंड भी जेल में बंद है. जो इन अपराधियों को दिमाग दे रहे है.
कहते हैं कारा अधीक्षक . कारा अधीक्षक अरुण पासवान ने कहा कि जेल की सुरक्षा को लेकर विशेष रणनीति बनायी गयी है. जेल के अंदर बंद अपराधियों के पास अब मोबाइल व अन्य समान नहीं पहुंच पायेगा.
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