काला बिल्ला लगा रेल मजदूरों ने मजदूर विरोधी रेल नीतियों का किया विरोध

Updated at : 02 Jul 2019 8:03 AM (IST)
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काला बिल्ला लगा रेल मजदूरों ने मजदूर विरोधी रेल नीतियों का किया विरोध

जमालपुर : केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीति एवं रेलवे के कथित निजीकरण के विरोध में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के संयुक्त आह्वान पर रेल कर्मियों का 11 दिवसीय काला दिवस सोमवार से आरंभ हो गया. पहले दिन कारखाना शाखा और ओपेन लाइन ब्रांच के रेल कर्मियों ने काला […]

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जमालपुर : केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीति एवं रेलवे के कथित निजीकरण के विरोध में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन और ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के संयुक्त आह्वान पर रेल कर्मियों का 11 दिवसीय काला दिवस सोमवार से आरंभ हो गया. पहले दिन कारखाना शाखा और ओपेन लाइन ब्रांच के रेल कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध जताया.

कारखाना शाखा के कार्यालय में भोजनावकाश के समय यूनियन की एक्सटेंडेड बॉडी की बैठक की गयी. उसकी अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष विश्वजीत कुमार ने की. उन्होंने कहा कि आज रेल बचाओ देश बचाओ की आवश्यकता है. देश का विकास रेल के विकास से ही संभव है.
परंतु भारत सरकार की शह पर रेल मंत्रालय रेलवे को निजी क्षेत्र में देने पर अमादा है. इस नीति से रेल कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है. क्योंकि सरकार रेलवे के पुनर्गठन के नाम पर आधारभूत संरचना और श्रम कानून में बदलाव कर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है.
मुख्य अतिथि केंद्रीय उपाध्यक्ष राम नगीना पासवान ने कहा कि उत्पादन इकाई का निगमीकरण की योजना बना ली गई है. 100 दिनों के एक्शन प्लान के अंतर्गत 50 स्टेशनों को निजी क्षेत्र में देने, 5 प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने, प्रीमियम ट्रेनों का निजी क्षेत्रों में देने और श्रम कानून में बदलाव का निर्णय लिया जा चुका है. जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शाखा सचिव बिरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि भारत सरकार आज उत्पादन इकाइयों का निगमीकरण कर रही है.
कुछ दिनों बाद यह कारखाना भी निजी क्षेत्र में चला जायेगा. जिसके बाद ग्रुप सी और ग्रुप डी का कोई कर्मचारी भारतीय रेल का हिस्सा नहीं होगा और उन पर रेल सेवा अधिनियम लागू नहीं होगा. इस प्रकार सेवा शर्त बदल जाएगी और केंद्र सरकार की सुविधाएं नहीं मिलेंगी. मौके पर अनिल यादव, बहाबुद्दीन, एसके ओझा, अर्जुन सिंह, मनोज कुमार, ओम प्रकाश साह, शिवब्रत गौतम, विपिन सिंह, दीपक सिंहा, विनोद कुमार सहित दर्जनों रेल कर्मी उपस्थित थे.
इधर, ओपन लाइन ब्रांच ने की गेट मीटिंग, किया प्रदर्शन
जमालपुर. दूसरी ओर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन ऑपन लाइन ब्रांच द्वारा सोमवार को रेल के बचे हुए 5 प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने, रेलवे के सात उत्पादन इकाइयां सीएलडब्ल्यू, आईसीएफ, डीएलडब्ल्यू, डीएमडब्ल्यू, डब्ल्यूएपी, आरसीएफ एवं एमसीएफ को मिलाकर इंडियन रेलवे रनिंग स्टॉक कंपनी बनाने, सुविधा ट्रेनों को निजी कंपनियों के हाथों सौंपे जाने एवं मिनिस्ट्रियल तथा अकाउंटिंग विभाग को खत्म कर ई-ऑफिसिंग बनाने के विरोध में डीजल शेड जमालपुर के मुख्य प्रवेश द्वार पर गेट मीटिंग की गई तथा प्रदर्शन किया गया. इसके साथ ही शाम 3:30 बजे संयुक्त क्रु लॉबी के पास भी प्रदर्शन किया गया.
जिसकी अगुवाई शाखा सचिव कृष्णदेव यादव ने की. इस मौके पर दिलीप कुमार, रंजन कुमार सिंह, एचडी मंडल, नवल भारती, सुबोध कुमार रंजन, सुभाष चंद्र पाठक, राज बिहारी राय मुख्य रूप से उपस्थित थे.
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