बिना टेंडर के ही प्रमंडलीय प्रशासनिक भवन में करवाया जा रहा है लाखों खर्च कर कार्य

Updated at : 01 Jun 2019 7:05 AM (IST)
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बिना टेंडर के ही प्रमंडलीय प्रशासनिक भवन में करवाया जा रहा है लाखों खर्च कर कार्य

मुंगेर : मुंगेर का प्रमंडलीय प्रशासनिक भवन, जहां बैठ कर प्रमंडलीय आयुक्त अपने अधीनस्थ जिलों में विकास एवं जनकल्याण की योजनाओं का मॉनिटरिंग करते हैं. सरकारी योजनाओं में बरती जा रही अनियमितताओं पर लगाम लगाते हैं. लेकिन उसी प्रशासनिक भवन के एक खंड में वार्षिक मरम्मत कार्य के नाम पर सरकार के नियम-कानून को ठेंगा […]

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मुंगेर : मुंगेर का प्रमंडलीय प्रशासनिक भवन, जहां बैठ कर प्रमंडलीय आयुक्त अपने अधीनस्थ जिलों में विकास एवं जनकल्याण की योजनाओं का मॉनिटरिंग करते हैं. सरकारी योजनाओं में बरती जा रही अनियमितताओं पर लगाम लगाते हैं. लेकिन उसी प्रशासनिक भवन के एक खंड में वार्षिक मरम्मत कार्य के नाम पर सरकार के नियम-कानून को ठेंगा दिखाया जा रहा. भवन निर्माण प्रमंडल मुंगेर द्वारा बिना टेंडर के ही यहां लगभग 19 लाख रुपये का कार्य कराया जा रहा है. हद तो यह है कि विभाग के कार्यपालक अभियंता खुद को इस कार्य से अनभिज्ञ बता रहे.

अब सवाल यह है कि मुंगेर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बिना वर्क आर्डर का कोई संवेदक और मजदूर काम कर रहा है तो सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह कितना सही है. भवन निर्माण प्रमंडल मुंगेर में अनियमितता चरम पर है. आलम यह है कि यहां पहले काम होता है और फिर बाद में उस काम की निविदा निकाली जाती है. सेटिंग-गेटिंग और पैसों के खेल में पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. यहां सारे नियमों को ताख पर रख कर ” पहले काम, निविदा बाद में ” का खेल चल रहा. यहां धांधली सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं बल्कि प्रशासनिक महकमें के नाक के नीचे हो रहा है.
बिना टेंडर का हो रहा लाखों का काम : मुंगेर प्रमंडल के प्रशासनिक भवन के पिछले भाग में लगभग 19 लाख की लागत से वार्षिक मरम्मति के नाम पर कई निर्माण कार्य किये जा रहे हैं. भवन के पश्चिमी खंड अर्थात पुलिस उप-महानिरीक्षक कार्यालय वाले भाग में निर्माण कार्य चल रहा है. किंतु यह कार्य बिना टेंडर का ही हो रहा. इसमें एक छोटा सा कमरा का निर्माण किया गया है.
कार्य स्थल पर न तो कोई बोर्ड लगा है और न ही कोई कर्मी कुछ बता पा रहा. अब यदि मुंगेर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बिना टेंडर तथा बिना वर्क आॅर्डर का कोई मजदूर काम कर रहा है तो यह मामला सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत ही खतरनाक है. खासकर पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारी के कार्यालय परिसर में बिना वर्क आॅर्डर का काम कराया जाना कितना सही है, यह तो विभाग ही जाने.
कहते हैं कार्यपालक अभियंता
भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता नवल किशोर प्रसाद ने कहा कि मुझे यह जानकारी नहीं है कि प्रमंडलीय प्रशासनिक भवन में कौन सा काम हो रहा है.
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