जमालपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खांसी की भी दवा नहीं है उपलब्ध

Updated at : 04 Apr 2019 3:59 AM (IST)
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जमालपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खांसी की भी दवा नहीं है उपलब्ध

जमालपुर : प्रखंड के 10 ग्राम पंचायत तथा नगर परिषद क्षेत्र के शहरवासियों की चिकित्सा सेवा की जिम्मेदारी निभाने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वयं बीमार बना हुआ है. हालत यह है कि यहां जीवन रक्षक कई दवा कई महीने से नदारद है तथा ऑपरेशन थिएटर की मशीन भी एक वर्ष से खराब है. और तो […]

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जमालपुर : प्रखंड के 10 ग्राम पंचायत तथा नगर परिषद क्षेत्र के शहरवासियों की चिकित्सा सेवा की जिम्मेदारी निभाने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वयं बीमार बना हुआ है. हालत यह है कि यहां जीवन रक्षक कई दवा कई महीने से नदारद है तथा ऑपरेशन थिएटर की मशीन भी एक वर्ष से खराब है. और तो और बैक्टीरिया नाशक उपकरण भी स्वयं बैक्टीरिया से पीड़ित है.

प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक मरीज पहुंचते हैं पीएचसी: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा लाभ लेने के लिए प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक मरीज यहां पहुंचते हैं. परंतु पर्याप्त दवा नहीं रहने के कारण या तो वे बैरंग वापस लौटने पर मजबूर होते हैं अथवा उन्हें बाजार में दवा खरीदने को विवश होना पड़ता है. दूसरी ओर चिकित्सक कम पावर की कई दवा उपलब्ध नहीं रहने के कारण उसे डबल डोज के रूप में इस्तेमाल कराते हैं.
जब से सरकार ने सरकारी अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव को लेकर कई योजनाओं को लागू किया है, तब से पूर्व की अपेक्षा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव की संख्या बढ़ी है, पर जमालपुर पीएचसी में लेबर रूम की स्थिति भी अच्छी नहीं है.
दवाओं का है टोटा: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इंजेक्टबल मेडिसिन और जनरल मेडिसिन का टोटा बना हुआ है. एक महीने से इसके कारण परिवार नियोजन ऑपरेशन के दौरान लोकल परचेज कर मरीजों को आवश्यक इंजेक्शन उपलब्ध करना पड़ता है. बताया गया कि पिछले छह महीने से यहां खांसी की दवा नहीं है.
उच्च रक्तचाप और सुगर की दवा भी मरीजों को नहीं मिल पाती है. ऑपरेशन के बाद घाव भरने वाले सेफट्रायोजोन जैसी इंजेक्शन और वोमेटिंग रोकने के लिए आवश्यक ओन्डम की सुई पीएचसी में 1 महीने से नहीं है.
इसके अतिरिक्त एंपीसिलीन और क्लाक्सासिलिन कैप्सूल और इंजेक्शन भी नहीं मिल रहे हैं. वहीं एमोक्सीन और लिवोफ्लक्सासीन कम पावर की है. इसके कारण मरीजों को परेशानी होती है. दूसरी ओर लेबर रूम में भी प्रयुक्त कीटाणु नाशक उपकरण पिछले एक वर्ष से खराब पड़ा हुआ है.
ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम में भी मशीनें खराब: इस संबंध में पीएचसी में पदस्थापित सर्जन तथा पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जगत प्रसाद ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर का बड़े साइज वाला ऑटोक्लेव मशीन पिछले एक वर्ष से खराब है और छोटी मशीन से काम चलाया जा रहा है.
इसके कारण काफी समय लगता है. दूसरी ओर लेबर रूम का ब्वॉयलर मशीन भी छह महीने से खराब पड़ा हुआ है. इस कारण प्रसूता के लिए उपकरणों को कीटाणु मुक्त करने में परेशानी होती है.
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