मुंगेर के अमारी दास टोले में छठ गीतों के बजाय गूंज रहा करुण-क्रंदन

Published at :25 Oct 2017 4:51 AM (IST)
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मुंगेर के अमारी दास टोले में छठ गीतों के बजाय गूंज रहा करुण-क्रंदन

अदलपुर रेलवे हॉल्ट पर चार छठ व्रतियों की ट्रेन से कट कर हुई थी मौतसोमवार की सुबह भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से हुआ था हादसाछठ व्रत को लेकर गंगा स्नान करने के लिए जा रही थी महिलाएं मुंगेर/धरहरा : धरहरा प्रखंड के अमारी दास टोला में छठ गीतों के बजाय बार-बार बच्चों के चीखने-चिल्लाने व करुण-क्रंदन […]

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अदलपुर रेलवे हॉल्ट पर चार छठ व्रतियों की ट्रेन से कट कर हुई थी मौत
सोमवार की सुबह भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से हुआ था हादसा
छठ व्रत को लेकर गंगा स्नान करने के लिए जा रही थी महिलाएं

मुंगेर/धरहरा : धरहरा प्रखंड के अमारी दास टोला में छठ गीतों के बजाय बार-बार बच्चों के चीखने-चिल्लाने व करुण-क्रंदन की आवाज गूंज रही है. पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छाया है और उस सन्नाटे को चीरती हुआ रोने-चीखने की आवाज दिल दहला देने वाली है. मंगलवार को भी गांव के लोग पूरी तरह सदमे में थे. चार छठ व्रतियों की ट्रेन से कट कर मौत की घटना ने पूरे गांव को हिला कर रख दिया है. दर्जनों घरों में छठ का अनुष्ठान नहीं हो रहा. प्रभावित परिवार के लोग कह रहे कि जब छठ मैया को ही व्रत कबूल नहीं, तो गांव के लोग क्यों छठ करें. सोमवार की सुबह छठ व्रत के लिए ही महिलाएं गंगा स्नान के लिए जा रही थी.
जब वह अदलपुर रेलवे हॉल्ट पर भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आ गयी. इस घटना में एक ही परिवार की जहां दो बहुएं गीता देवी व रेखा देवी की कट कर मौत हो गयी. वहीं पड़ोस की अनीता देवी व बीजो देवी भी काल के गाल में समा गयी. घटना के लिए चाहे महिलाएं दोषी हों या रेल की व्यवस्था, लेकिन आधे दर्जन परिवार पूरी तरह उजड़ गया. किसी के सिर से मां की ममता छीन गयी, तो किसी ने पत्नी को खो दिया.
दिल दहला रहा करुण-क्रंदन
अमारी गांव का दास टोला यूं तो महादलितों का टोला है और यहां के लोग आज भी विकास की रफ्तार में पूर्ण रूप से शामिल नहीं हो पाये हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य का अभाव गांव में साफ दिख रहा. गांव की महिलाएं श्रद्धा व भक्ति के साथ छठ व्रत करती हैं. शायद छठ मैया उनके दुखों को खत्म कर दें. लेकिन सोमवार की घटना ने चार परिवारों को दुख के अथाह सागर में डुबो दिया. मुनिलाल रविदास की दो बहुएं इस घटना की शिकार हुई. रमेश रविदास की पत्नी गीता देवी और किरण रविदास की पत्नी रेखा देवी की मौत से पूरा परिवार टूट चुका है. गीता देवी की पांच छोटे-छोटे बच्चे अपनी मां के लिए बिलख रहे हैं. उन्हें अब भी आस है कि उसकी मां गंगा स्नान को गयी है और वापस आयेगी. बच्चे बार-बार रोते-चीखते-चिल्लाते मां-मां कर रहे. जबकि रेखा की तीन पुत्रियां मां के लिए बिलख रहे. इस घटना में शिकार छत्तीस रविदास की पत्नी अनीता देवी के बच्चे भी अपनी मां को लेकर रोते-बिलखते रहे.
दर्जनों परिवारों में नहीं हो रहा छठ
सुख-समृद्धि व आस्था के महापर्व के मौके पर हुई हादसे के कारण अमारी दास टोला के दर्जन भर परिवार छठ पर्व नहीं कर रहे. इस घटना से लोगों की भावना आहत हुई है. गांव के मनोज रविदास कहते हैं कि हमलोग तो पूरे विश्वास के साथ छठ माता की पूजा करते रहे हैं. फिर ऐसी घटना कैसे हुई. छठ मैया तो सबका दुख हर लेती है फिर हम गरीब लोगों पर कैसे पहाड़ टूट पड़ा.
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