इलाज के लिए मरीजों को रहना पड़ता है घंटों खड़ा

मुंगेर : कहने को तो स्वास्थ्य विभाग मरीजों के इलाज से लेकर अन्य सुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च करती है़ किंतु स्थानीय स्तर पर बहाल व्यवस्था तथा समुचित निगरानी नहीं होने के कारण मरीजों को न तो बेहतर इलाज मुहैया हो पाती है और न ही अन्य सुविधाएं ही मिल पाती है़ जिले के […]
मुंगेर : कहने को तो स्वास्थ्य विभाग मरीजों के इलाज से लेकर अन्य सुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च करती है़ किंतु स्थानीय स्तर पर बहाल व्यवस्था तथा समुचित निगरानी नहीं होने के कारण मरीजों को न तो बेहतर इलाज मुहैया हो पाती है और न ही अन्य सुविधाएं ही मिल पाती है़ जिले के सदर अस्पताल का हाल भी कुछ ऐसा ही है़ जहां इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों के बैठने की व्यवस्था नहीं रहने के कारण उन्हें जहां इलाज के इंतजार में घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है,
वहीं इनके मनोरंजन की भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करायी जा रही है़ सामान्य मरीजों के इलाज के लिए सदर अस्पताल में आउटडोर सेवा कीव्यवस्था है़ जहां आंख, दांत, हड्डी, शिशु व महिला ओपीडी के अलावा जीओपीडी की भी व्यवस्था है़ जिसमें सबसे अधिक जीओपीडी में मरीजों की भीड़ होती है़ यहां प्रतिदिन 6-7 मरीज अपना इलाज करवाने पहुंचते हैं.
इस कारण मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है़ इस लाइन में महिला व बुजुर्गों की भी काफी संख्या रहती है़ जिन्हें चिकित्सक तक पहुंचने में लाइन में खड़े-खड़े घंटों बीत जाते हैं, जिससे उसकी तबीयत और भी बिगड़ने लगती है़ किंतु मरीजों की इस पीड़ा को शायद अस्पताल प्रबंधन समझ नहीं पा रही है़
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