200 बीघे में लगी परवल की फसल डूबी

Published at :12 Aug 2017 6:05 AM (IST)
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200 बीघे में लगी परवल की फसल डूबी

बाढ़. 37.35 मीटर पर पहुंचा गंगा का जल स्तर, तोड़ी किसानों की कमर मुंगेर : गंगा कब कैसा रूप धारण कर लेगी, यह किसी को भी पता नहीं होता़ आज से ठीक एक सप्ताह पहले गंगा के घटते जल स्तर को देख जानकारों का यह मानना था कि इस बार बाढ़ नहीं आयेगी़ किंतु पिछले […]

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बाढ़. 37.35 मीटर पर पहुंचा गंगा का जल स्तर, तोड़ी किसानों की कमर

मुंगेर : गंगा कब कैसा रूप धारण कर लेगी, यह किसी को भी पता नहीं होता़ आज से ठीक एक सप्ताह पहले गंगा के घटते जल स्तर को देख जानकारों का यह मानना था कि इस बार बाढ़ नहीं आयेगी़ किंतु पिछले तीन-चार दिनों से गंगा का जल स्तर जिस कदर बढ़ रहा है, इससे लोग भयभीत है़ हालांकि गंगा ने इस बार भी अपनी विनाशलीला दिखानी शुरू कर दी है़ जल स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण बाढ़ का पानी दियारा क्षेत्र के निचले इलाके को अपनी चपेट में ले चुका है़ इस कारण जिले भर
में लगभग 200 बीघा परवल का खेत बाढ़ के पानी से जल प्लावित हो चुका है़ वहीं अब गंगा दियारा के गांवों की ओर कूच चुका है़ इसे भयभीत होकर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं. गंगा का जल स्तर डेढ़-दो फीट यदि और बढ़ गया तो दियारा क्षेत्र के लोगों को पूरा गांव खाली करना पड़ सकता है़ वहीं तटवर्ती इलाकों में हो रही भीषण कटाव ने स्थानीय लोगों की नींदे उड़ा दी है़ शुक्रवार को गंगा का जल स्तर 37.35 मीटर तक पहुंच चुका था़
निचले इलाके में घुसा बाढ़ का पानी: गंगा के बढ़ते जल स्तर के कारण दियारा क्षेत्र के निचले इलाके में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है़ इस कारण कुतलुपुर, जाफरनगर, टीकारामपुर, तौफिर दियारा, चिकदह बहियार, चड़ौन बहियार सहित चौर इलाके में व्यापक पैमाने पर बाढ़ का पानी फैल चुका है़ इस कारण इन इलाकों में लगभग 200 बीघे में लगा परवल की फसल बुरी तरह बर्बाद हो गयी है, वहीं दर्जनों बीघे में लगे मकई का फसल व पशुचारा भी बाढ़ के पानी में समा गया है़ इस कारण यहां किसानों की कमर टूट गयी, वहीं मवेशियों के समक्ष पशुचारा की समस्या भी गहराने लगी है़
दहशत में हैं दियारावासी: गंगा के बढ़ते जल स्तर को लेकर दियारावासी काफी दहशत में हैं. निचले इलाके में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने के बाद अब बाढ़ का पानी दियारा क्षेत्र के गांवों में प्रवेश करने वाला है़ वैसे तो केंद्रीय जल आयोग द्वारा जिले में खतरा का निशान 39.33 मीटर पर अंकित किया गया है़ किंतु स्थानीय लोगों की मानें तो लगभग डेढ़ से दो फीट गंगा का जल स्तर यदि और बढ़ गयी तो फिर पूरे गांव में बाढ़ का पानी फैल जायेगा़ जिसे ध्यान में रखते हुए लोग अभी से ही अपने बच्चों, मवेशियों तथा आवश्यक सामग्रियों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने में जुट गये हैं. दियारावासी अभी पिछले साल आयी बाढ़ की विनाशलीला को भूल भी नहीं पाये हैं और अब फिर से उफनाती गंगा ने लोगों को दहशत में डाल दिया है़
तेज कटाव ने उड़ायी स्थानीय लोगों की नींद: गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी के साथ-साथ कटाव की गति भी तेज हो गयी है़ तटवर्ती इलाकों में हो रहे भीषण कटाव ने स्थानीय लोगों की नींदें उड़ा दी है़ जिसके कारण भयभीत लोग न तो रात में ठीक से सो पाते हैं और न ही दिन में चैन से आराम कर पा रहे हैं. जिले के हेरुदियारा, दुमंठा घाट, बेलवा घाट, शिवनगर चांयटोला, शंकरपुर, तौफिर, सीताकुंड डीह, मनियारचक, रहिया, कालाटोला सहित अन्य तटवर्ती इलाकों में हो रहे कटाव से लोग काफी सहमे हुए हैं. प्रतिदिन कटाव होने वाले जगह की स्थिति लगातार बदलते जा रही है़
विभिन्न स्थानों पर गंगा का जल स्तर
स्थान -जल स्तर-खतरा निशान से दूरी
मुंगेर 37.35 मी 1.98 मी नीचे
भागलपुर 32.34 मी 1.34 मी नीचे
कहलगांव 30.35 मी 0.74 मी नीचे
साहेबगंज 27.29 मी 4 सेमी ऊपर
फरक्का 22.10 मी 0.15 मी नीचे
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